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जानें नोटबंदी और कैशलेस लेनदेन पर रेल यात्रियों की राय

आजतक ने नोटबंदी को लेकर सरकार के कदमों पर लोगों की राय और तैयारी जानने के लिए दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से गाजियाबाद तक लोकल ट्रेन में सफर किया.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

नोटबंदी का लोगों पर असर और कैशलेस ट्रांजैक्शन को लेकर देश के विभिन्न जगह से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही है. सरकार के इस फैसले को लेकर कुछ लोग नाराजगी जता रहे हैं, तो कुछ ऐसी भी हैं जो इसका खुल कर समर्थन करते दिख रहे हैं. आजतक ने नोटबंदी को लेकर सरकार के कदमों पर लोगों की राय और तैयारी जानने के लिए दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से गाजियाबाद तक लोकल ट्रेन में सफर किया.

कुछ का कारोबार प्रभावित, कुछ बेअसर
इस दौरान आजतक ने रेलवे स्टेशन पर छोटी-मोटी दुकानें चलाने वालों, रेस्त्रां चलाने वालों, कुली सहित विभिन्न वर्गों के लोगों से नोटबंदी पर बातचीत की. निजामुद्दीन स्टेशन पर रेस्त्रां चलाने वाले मैनेजर का मानना है कि नोटबंदी के बाद उनका कारोबार पहले से काफी कम हो गया है. हालांकि वह यह भी कहते हैं कि सरकार के इस कदम से लोगों से कैशलेस ट्रांजेक्शन की तरफ भी बढ़ रहे हैं.

वहीं स्टेशन पर अपनी छोटी सी दुकान चलाने वाले एक दुकानदार का कहना है कि उन्होंने भी अब Paytm का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. वह नोटबंदी के फैसले को सही बताते हुए कहते हैं कि सरकार के इस कदम से उनके कारोबार पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ा है और वह कमोबेश पहले जैसा ही चल रहा है.

नोटबंदी से कुली परेशान
हालांकि रोजी-रोटी के लिए रेल यात्रियों पर पूरी तरह निर्भर कुली नोटबंदी के फैसले से थोड़ा परेशान दिखे. उनका कहना है कि सरकार के इस कदम से उनके कामकाज में काफी नुकसान हुआ है और उनकी आमदनी काफी कम हो गई है.

इसके बाद आजतक संवाददाता ने स्टेशन पर खड़े कुछ यात्रियों से भी बात की. इन्हीं में केरल से आए एक शख्स भी थे, जिनका कहना था कि नोटबंदी से उन्हें बहुत परेशानी हो रही है. ट्रेन में सफर करना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि हर चीज खरीदने के लिए नगदी चाहिए. वहीं एक अन्य यात्री का कहना था कि नोटबंदी से थोड़ी बहुत परेशानी जरूर है, लेकिन यह अच्छा निर्णय है और इससे देश का फायदा होगा.

देश की भलाई के लिए तकलीफ मंजूर
इसके बाद आजतक संवाददाता ने हरिद्वार एक्सप्रेस के एसी कोच में सफर कर, वहां के लोगों की राय जानी. इस कोच में गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे विभिन्न राज्य के लोग यात्रा कर रहे थे. इनमें से ज्यादातर लोगों का मानना था कि नोटबंदी से फायदा होगा और जहां तक का कैशलेस ट्रांजैक्शन की बात है, उन्होंने यह शुरू कर दिया है. मगर उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाले एक रिटायर्ड व्यक्ति का कहना था कि उन्हें बहुत परेशानी हो रही है. लाइनों में लगने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

इसके बाद हमने एक लोकल ट्रेन का सफर किया और वहां भी लोगों ने तकलीफों का जिक्र तो जरूर किया, लेकिन सरकार के इस कदम को देशहित में मानकर समर्थन किया.

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