गृह मंत्रालय के पूर्व अंडर सेक्रेटरी आरवीएस मणि अब भी अपने बयान पर कायम हैं. मणि ने बयान दिया था कि इशरत जहां और उसके साथियों को आतंकी ना बताने के लिए उन पर दबाव डाला गया था. उन्हें बुरी तरह प्रताड़ित किया गया था.
आज भी पैंट है सबूत
आरवीएस मणि ने एसआईटी चीफ सतीश वर्मा पर प्रताड़ित करने और सिगरेट से जलाने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा कि आज भी उनकी सिगरेट से जली पैंट रखी है. चाहे तो पैंट की फोरेंसिक जांच करा ली जाए.
किसी भी जांच के लिए तैयार
इसके अलावा मणि ने खुलासा किया था कि एक सीबीआई ऑफिसर उनका पीछा करता था. मणि ने कहा कि इस मामले को लेकर वो किसी भी जांच के लिए तैयार हैं.
जबरन कराए गए थे साइन
केंद्रीय गृह मंत्रालय के पूर्व अंडर सेक्रेटरी आरवीएस मणि ने बयान दिया था इशरत जहां मामले में जुड़े एक हलफनामे पर उनसे जबरन दस्तखत कराए गए थे. मणि का कहना है कि ये हलफनामा उन्होंने तैयार नहीं किया था.
पिल्लई ने भी किया था गंभीर खुलासा
इशरत जहां एनकाउंटर मामले में पूर्व गृह सचिव जीके पिल्लई ने भी बड़ा खुलासा किया था. उन्होंने दावा किया कि 2009 में तत्कालीन गृह मंत्री पी चिदंबरम ने इस केस में केंद्र सरकार का हलफनामा बदलवाया था, ताकि इशरत के लश्कर से कनेक्शन की बात सामने ही न आए. पिल्लई यूपीए सरकार के दौरान गृह सचिव थे.