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संसद पर आतंकी हमले की 13वीं बरसी आज, मोदी-सोनिया ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

संसद पर 13 दिसंबर 2001 को हुए आतंकवादी हमले की आज बरसी है. आतंकी हमले की बरसी पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद की रक्षा करते शहीद हुए जवानों शहीदों को ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी है.

शहीदों को दी जाएगी श्रद्धांजलि शहीदों को दी जाएगी श्रद्धांजलि

संसद पर 13 दिसंबर 2001 को हुए आतंकवादी हमले की आज बरसी है. आतंकी हमले की बरसी पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद की रक्षा करते शहीद हुए जवानों शहीदों को ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी है.

संसद में भी एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया जहां मोदी और कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी सहित तमाम सियासी दिग्‍गजों ने शहीद जवानों को पुष्पांजलि अर्पित किया.

संसद पर आतंकवादी हमले के दौरान आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए अपनी शहादत देने वाले जवानों को 13 दिसंबर को संसद भवन परिसर में एक समारोह में श्रद्धांजलि अर्पित की गई. इस अवसर पर भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी संसद भवन परिसर में रक्तदान शिविर का भी आयोजन कर रही है.

लोकसभा में शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

लोकसभा ने संसद पर 13 दिसंबर 2001 को हुए आतंकवादी हमले की बरसी पर संसद की रक्षा करते शहीद हुए जवानों व एक कर्मचारी को श्रद्धांजलि दी. इसके साथ ही सभी तरह के आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए नए सिरे से प्रयास करने का संकल्प भी व्यक्त किया गया.

शुक्रवार सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा, ‘तेरह साल पूर्व 13 दिसंबर 2001 को हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के गौरव भारत की संसद को कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले का निशाना बनाया गया था.’

उन्होंने कहा कि इस हमले को ड्यूटी पर तैनात हमारे बहादुर एवं सतर्क सुरक्षा बलों ने असफल कर दिया था. इसमें दिल्ली पुलिस के पांच सुरक्षाकर्मी नानक चंद, रामपाल, ओमप्रकाश, विजेन्द्र सिंह और घनश्याम तथा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की एक महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी, संसद सुरक्षा सेवा के दो सुरक्षा सहायक जगदीश प्रसाद यादव और मातबर सिंह इस हमले का बहादुरी से सामना करते हुए शहीद हो गए थे. इस आतंकी हमले में एक कर्मचारी देशराज भी मारे गए थे.

अध्यक्ष ने कहा कि सदन 13 दिसंबर 2001 को आतंकवादी हमले के दौरान संसद की रक्षा करते हुए प्राणों की आहूति देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करती है और उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करती है.

सुमित्रा ने कहा, ‘इस अवसर पर हम सभी प्रकार के आतंकवाद से निपटने के लिए नए सिरे से प्रयास करने के संकल्प को दोहराएं और मातृभूमि की एकता, अखंडता और सम्प्रभुता की रक्षा करने के लिए अपनी वचनबद्धता को दृढ़ता से व्यक्त करें.

सदस्यों ने अपने स्थानों पर खड़े हो कुछ पल मौन रहकर आतंकी हमले को नाकाम करने में अपने प्राणों की आहूति देने वालों के प्रति सम्मान प्रकट किया.

- इनपुट भाषा से

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