सरकार ने आज माना कि देश में छह से 14 वर्ष की उम्र के सभी बच्चों को अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने के लिए 10.2 लाख शिक्षकों की कमी है.
मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने आज राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के लागू होने के बाद प्रारंभिक शिक्षा में 5.08 लाख शिक्षकों और 2.44 लाख मुख्य अध्यापकों की अतिरिक्त आवश्यकता होने का अनुमान लगाया गया है.
उन्होंने इलावरासन के पूरक प्रश्न के जवाब में बताया कि इसके अतिरिक्त, अनुमान है कि राज्यों में शिक्षकों के 5.23 लाख पद रिक्त हैं जिन पर राज्य सरकारों को ही भर्ती करनी है. राज्यों को रिक्त पदों पर यथाशीघ्र शिक्षकों की भर्ती करने के निर्देश दिए गए हैं.
सिब्बल ने मनोनीत कपिला वात्स्यायन के पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि हर राज्य की अपनी भर्ती और वेतन नीति होती है जिसमें केंद्र कोई हस्तक्षेप नहीं करता.
उन्होंने कहा कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वर्ष 2009-10 तक शिक्षकों के 12.82 लाख पद स्वीकृत किए गए. इनमें से 10.30 लाख शिक्षकों की नियुकि्त की जा चुकी है.
उन्होंने बताया कि वर्ष 2010- 11 में सर्व शिक्षा अभियान के तहत शिक्षकों के 37 लाख अतिरिक्त पद स्वीकृत किए गए.