तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष की गैरहाजिरी में पार्टी में मचे भगदड़ पर काबू पाने के लिए एन चंद्रबाबू नायडू विदेश से ही सक्रिय हो गए हैं. लोकसभा चुनाव के बाद छुट्टियां मनाने यूरोप की सैर पर गए नायडू ने शनिवार को आनन-फानन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पार्टी नेताओं को संबोधित किया और उनसे पूरे घटनाक्रम पर बात की.
चंद्रबाबू नायडू इन दिनों यूरोप के दौरे पर हैं. इस बीच उनकी छुट्टियों में तब खलल पड़ गया जब 20 जून को उन्हें जानकारी मिली की पार्टी के 4 राज्यसभा सांसद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं. बता दें कि गुरुवार को टीडीपी सांसद वाई. एस. चौधरी, सी.एम. रमेश, टी.जी. वेंकटेश और जी. मोहनराव ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था. इनलोगों ने राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू से मुलाकात की और टीडीपी से अपना इस्तीफा उन्हें सौंप दिया.
TDP national President N Chandrababu Naidu held a teleconference with senior leaders of his party today. He is on a tour to Europe while TDP leaders assembled at his Amaravati residence. They discussed recent developments including that of 4 TDP MPs joining BJP. (file pic) pic.twitter.com/OrQyuhZoKK
— ANI (@ANI) June 22, 2019
आंध्र प्रदेश की सत्ता गंवाने के बाद संभलने की कोशिश कर रहे टीडीपी के लिए यह एक सदमे जैसा था. राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू को लिखे अपने पत्र में इन सांसदों ने कहा कि वे नरेंद्र मोदी के शानदार नेतृत्व से उत्साहित हैं और अपने समूह का विलय बीजेपी में कर रहे हैं. राज्य सभा में टीडीपी के 6 सांसद थे, इस विलय के बाद अब पार्टी के दो सांसद ही रह गए हैं.
इस घटनाक्रम के बाद शनिवार को टीडीपी के सारे नेता अमरावती में इकट्ठा हुए. पूर्व सीएम नायडू ने टेली कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इन नेताओं को संबोधित किया. माना जा रहा है कि बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा हुई. इससे पहले नायडू ने कहा था कि ऐसा संकट टीडीपी के लिए नया नहीं है, उन्होंने कहा वे आंध्र प्रदेश के हितों के लिए बीजेपी से लड़ रहे हैं और उनका संघर्ष जारी रहेगा.
बीजेपी ने इन सांसदों के पार्टी में शामिल होने का स्वागत किया था. बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा था कि ये सांसद लंबे समय से आंध्र प्रदेश के विकास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के साथ शामिल होना चाह रहे थे. नड्डा ने कहा था कि चारों सांसद जमीन से जुड़े नेता हैं और यह आंध्र में बीजेपी को मजबूत बनाने में मददगार होंगे.