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लोकसभा में जेटली बोले- अगस्त तक LoC पर 285 बार हुआ सीजफायर उल्लंघन

राज्यसभा में विदेश नीति पर चर्चा के दौरान गुरुवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने विपक्ष को जवाब दिया. सुषमा ने विपक्ष के हर सवाल का तीखा अंदाज में जवाब दिया. लेकिन इस दौरान कांग्रेस ने सुषमा पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है. इस मुद्दे पर कांग्रेस ने सुषमा पर विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाएगा.

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राज्यसभा में विदेश नीति पर चर्चा के दौरान गुरुवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने विपक्ष को जवाब दिया. सुषमा ने विपक्ष के हर सवाल का तीखे अंदाज में जवाब दिया. लेकिन इस दौरान कांग्रेस ने सुषमा पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है. इस मुद्दे पर कांग्रेस ने सुषमा पर विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाएगा.

लोकसभा  में बोले जेटली

रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि पाकिस्तान की ओर से LoC पर अगस्त तक 285 सीजफायर उल्लंघन हुए हैं. वहीं 2016 में कुल 228 सीजफायर उल्लंघन हुआ था, इसके अलावा इंटरनेशनल बॉर्डर पर 221 बार उल्लंघन हुआ था. उन्होंने बताया कि सेंसर, रडार और सुरक्षा एंजेसियों के कारण हमनें कई बार घुसपैठ को रोका.

राजीव शुक्ला का सुषमा को जवाब

शुक्रवार को कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला बोले कि सुषमा ने मेरे भाषण की आलोचना की थी, मैंने अपने भाषण में CPEC का जिक्र ही नहीं किया. विदेश मंत्री के बयान से मेरे भाषण की हर ओर चर्चा हो रही है. गौरतलब है कि सुषमा ने गुरुवार को राजीव शुक्ला के भाषण का जिक्र किया था.

आतंकी हमलों पर गलत जानकारी का आरोप

कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य आनंद शर्मा ने कहा कि सदन में सुषमा स्वराज ने झूठ बोला है. उन्होंने कहा कि सुषमा अपने बयान पर माफी मांगे, नहीं तो उन्हें विशेषाधिकार हनन का सामना करना पड़ेगा. आनंद शर्मा ने कहा कि बुरहान वानी के एनकाउंटर से पहले पठानकोट अटैक हुआ, इसके अलावा 9 और आतंकी हमले हुए, जिन्हें सुषमा स्वराज भूल गईं.

वहीं कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने भी सुषमा के बयान पर टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि मुझे लेकर विदेश मंत्री ने सदन में जो बयान दिया है वो पूरी तरह गलत है. राजीव शुक्ला ने सुषमा के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस लाने की बात कही.

क्या बोलीं थी सुषमा?

सुषमा स्वराज ने सदन में कहा था कि बानडुंग एशिया अफ्रीका संबंधों पर हुए सम्मेलन में उन्हें बयान देना का मौका ही नहीं मिला. वहीं, कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ये कहते रहे कि उन्होंने भाषण दिया और पूर्व पीएम पंडित नेहरू का नाम नहीं लिया. वहीं सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान से भारत के संबंधों पर सदन में बताया था कि 2016 में कश्मीर में बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद दोनों देशों के रिश्तों में बिगाड़ आया.

क्या है कांग्रेस का कहना?

जबकि कांग्रेस का कहना है कि 2015 में पीएम मोदी जब पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को बर्थडे की मुबारकबाद देने लाहौर गए, उसके कुछ वक्त बाद ही पठानकोट में आतंकी हमला हुआ. विपक्ष का ये भी मानना है कि पठानकोट के अलावा पांच और घटनाएं भी हुईं.

 

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