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सूरत: कोर्ट ने नीरव मोदी के खिलाफ जारी किया गिरफ्तारी वारंट

शुक्रवार को सूरत के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट बी.एच. कापड़िया ने नीरव मोदी के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया. नीरव मोदी के खिलाफ सूरत की अदालत में 7 अप्रेल 2018 को सेंट्रल एक्साइज, जीएसटी विभाग और डीआरआई ने एक शिकायत दर्ज करवाई थी.

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नीरव मोदी (फाइल फोटो)
नीरव मोदी (फाइल फोटो)

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में आरोपी नीरव मोदी के खिलाफ सूरत की अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. मोदी के खिलाफ वारंट करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जारी किया गया है.

शुक्रवार को सूरत के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट बी.एच. कापड़िया ने नीरव मोदी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया. नीरव मोदी के खिलाफ सूरत की अदालत में 7 अप्रेल 2018 को सेंट्रल एक्साइज, जीएसटी विभाग और डीआरआई ने एक शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसमें आरोप था कि नीरव मोदी ने सूरत के स्पेशल इकोनॉमिक जोन में स्थित अपनी फैक्ट्री से 4.93 करोड़ के वैल्यूशन कर 104 करोड़ के एक्सपोर्ट किए थे, जिसको लेकर सूरत कोर्ट में ड्यूटी चोरी का केस किया गया था.

कोर्ट में हाजिर न रहने पर नीरव मोदी के खिलाफ सीआरपीसी 70 के तहत गिरफ्तारी वांरट जारी किया गया. नीरव मोदी और उसकी तीन कंपनियों में मे.फायर स्टार डायमंड इंटरनेशनल, मे.फायर स्टार इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिलेड और राड़ाशीर ज्वैलरी प्राइवेट लिमिटेड ने सन 2014 और 2015 में 4.93 करोड़ रुपये के हीरे की कीमत 104 करोड़ बताकर करोड़ों की ड्यूटी चोरी की थी.

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सरकार की योजना के मुताबिक अगर विदेश से रफ डायमंड और पर्ल आयात कर उसे ज्वैलरी के स्वरूप में निर्यात करता है तो उसे ड्यूटी (टैक्स) में छूट मिलती है. नीरव मोदी और उसकी कंपनियों ने रफ डायमंड और पर्ल आयात तो किए मगर उसकी ज्वैलरी निर्यात करने के बजाय भारत में ही बेच दिए थे और उसकी जगह हल्की क्वालिटी की डायमंड ज्वैलरी बनाकर यूएसए , कनाडा , दुबई और हांगकांग भेजे थे.

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