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स्वामी ने चेताया- करप्शन पर मोदी सरकार ने रवैया न बदला तो 2019 में होगी मुश्किल

बीजेपी नेता ने कहा, ''मेरी पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में उत्साही नहीं दिखी, जिसके चलते मामले के आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया.'' सरकार को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि यह खराब फैसला मेरे लिए कोई झटका नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि अगर हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के तौर तरीके नहीं बदले, तो साल 2019 में बीजेपी को तगड़ा झटका लगेगा.

सुब्रमण्यम स्वामी और पीएम मोदी सुब्रमण्यम स्वामी और पीएम मोदी

दिल्ली की स्पेशल सीबीआई कोर्ट की ओर से 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के सभी आरोपियों को बरी करने पर सुब्रमण्यम स्वामी ने सवाल उठाए हैं. बीजेपी सांसद स्वामी ने कहा कि आज का फैसला बेहद खराब रहा.

उन्होंने कहा कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि सीबीआई की अदालत को 2G घोटाले के सभी आरोपियों को बरी करना पड़ा. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को मामले में फौरन हाईकोर्ट में अपील करनी चाहिए.

बीजेपी नेता ने कहा कि मामले में सीबीआई ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई. उन्होंने कहा, ''मेरी पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में उत्साही नहीं दिखी, जिसके चलते मामले के आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया.''

सरकार को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि यह खराब फैसला मेरे लिए कोई झटका नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि अगर हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के तौर तरीके नहीं बदले, तो साल 2019 में बीजेपी को तगड़ा झटका लगेगा. मामले को लेकर साल 2019 में लोग हमसे सवाल करेंगे.

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले मामले को अदालत की चौखट तक ले जाने वाले राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, ''मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है कि नए तरीकों और रणनीति के साथ युद्ध स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई तेज करने के लिए फौरन एक कमेटी  बनाई जाए.''

स्वामी ने अपनी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा, ''बीजेपी में किसी में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने का उत्साह नहीं दिख रहा है. जहां तक सीबीआई के फैसले का सवाल है, तो अदालत ने अपने निर्णय में ही उनकी योग्यता, समझ और निष्ठा की परतें खोल के रख दी हैं. मुझे लगता है कि उन जांच एजेंसियों के अधिकारी और स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर सब चोरों से मिले हुए हैं. उन सबको बदल देना चाहिए.''

स्वामी ने कहा कि पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी कई आरोपियों की तरफ से पेश हो रहे थे. साथ ही उन्होंने इस फैसले का स्वागत किया है. ऐसे में रोहतगी को सरकार को ओर से पेश नहीं होने देना चाहिए था.

बीजेपी नेता स्वामी ने कहा कि यह मामला पटरी से उतर गया है, लेकिन इसको दोबारा से पटरी पर लाया जा सकता है. हमारे पास ईमानदार लॉ ऑफिसर और वकील हैं, जो मंत्रियों की चमचागिरी नहीं करते हैं.

जब उनसे सवाल किया गया कि अगर सबको बदल दिया जाए, तो क्या वो मामले को चुनौती देने वाली याचिका में बहस करेंगे? इस पर स्वामी का जवाब था कि अगर प्रधानमंत्री मुझे स्पेशल प्रोसिक्यूटर बना दें, तो वो ऐसा करके दिखा देंगे.

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