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स्वामी का केंद्र सरकार पर हमला, कहा- 'माल्या पर मेहरबान है सीबीआई'

स्वामी ने गुरुवार को विजय माल्या के प्रत्यर्पण की लंदन में सुनवाई से पहले इस मामले पर ट्वीट कर अपनी नाराजगी जाहिर की. विजय माल्या भारतीय बैंकों की हजारों करोड़ की उधारी लेकर फरार हैं और उन्हें भारत लाने की कोशिश हो रही है.

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स्वामी और माल्या स्वामी और माल्या

बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने फरार बिजनेसमैन विजय माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर सरकार के रवैये पर निशाना साधा है. स्वामी का कहना है कि माल्या को प्रत्यर्पित करने के मामले को लेकर केंद्र सरकार गंभीर नजर नहीं आ रही है.

स्वामी ने गुरुवार को विजय माल्या के प्रत्यर्पण की लंदन में सुनवाई से पहले इस मामले पर ट्वीट कर अपनी नाराजगी जाहिर की. विजय माल्या भारतीय बैंकों की हजारों करोड़ की उधारी लेकर फरार हैं और उन्हें भारत लाने की कोशिश हो रही है.

स्वामी ने कहा है कि उन्हें अपने लंदन के दोस्तों से यह जानकार काफी आश्चर्य हुआ है कि माल्या के प्रत्यर्पण की गंभीर कोशिशें नहीं हो रही हैं. स्वामी ने कहा है, जैसे मलेशिया और अर्जेंटीना में क्वात्रोकी के केस को कमजोर किया गया था, उसी तरह से माल्या के साथ भी किया जा रहा है. स्वामी ने कहा है कि इस केस में गवाहों के बयान को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज कराने के बजाए धारा 161 के तहत दर्ज किया गया है.

आपको बता दें कि इस मामले में सीबीआई ने सात गवाहों के बयान दर्ज किए हैं. अदालत में सीआरपीसी की धारा 161 के तहत दर्ज बयानों को ज्यादा अहमियत नहीं दी जाती है, क्योंकि इन्हें जांच (पुलिस) अधिकारी तैयार करते हैं.

वहीं, सीआरपीसी की धारा 164 की बात की जाए तो गवाहों के बयान न्यायिक (मजिस्ट्रेट) अधिकारी दर्ज करता है. धारा 161 के तहत दर्ज बयानों को कोर्ट में आसानी से बदला जा सकता है, क्योंकि गवाह अपने बयान से यह कहकर मुकर सकता है कि उससे जबरन बयान दिलवाए गए.

जानकारी के मुताबिक इस मामले को कवर कर रहे लंदन के पत्रकारों ने कहा है कि सीबीआई के सात में से पांच बयान एक जैसे हैं. पत्रकारों का कहना है कि ये बयान कॉपी-पेस्ट लग रहे हैं.

इसी बीच, उद्योगपति विजय माल्या अपने बेटे सिद्धार्थ माल्या के साथ लंदन की अदालत में गुरुवार को हो रही सुनवाई में पहुंचे. भारतीय बैंकों का 9,000 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज न चुकाने के मामले में सीबीआई माल्या के खिलाफ जांच कर रही है.

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