द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) की नेता कनिमोझी से हिंदी में सवाल पूछने पर छिड़े विवाद पर अब सियासी रंग चढ़ने लगा है. दरअसल, डीएमके नेता कनिमोझी ने एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि एयरपोट पर जब उन्होंने सीआईएसएफ अफसर से तमिल या अंग्रेजी में बोलने को कहा तो अधिकारी ने उल्टा उनसे ही सवाल कर लिया कि क्या वो भारतीय नहीं हैं?
कनिमोझी ने इस घटना पर आपत्ति जताई और पूछा कि भारतीय होना हिंदी जानने के बराबर कब से हो गया? उनके इस ट्वीट पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने तंज कसा है. कनिमोझी के ट्वीट पर बीएल संतोष ने कहा कि विधानसभा चुनाव 8 महीने दूर हैं ... अभियान शुरू.
Assembly elections are 8 months away ... Campaign starts .
— B L Santhosh (@blsanthosh)
बता दें कि दक्षिण भारत के राज्य तमिलनाडु की राजनीति में भाषा का बड़ा रोल है. तमिलनाडु के तमाम राजनीतिक दल उत्तर भारत और केंद्र की सरकारों पर हिन्दी भाषा थोपने का आरोप लगाते रहे हैं. डीएमके ने हाल ही में केंद्र की नई शिक्षा नीति के तहत प्रस्तावित 'थ्री लैंग्वेज फॉर्मूला' का विरोध किया था. सत्ताधारी AIADMK ने 'थ्री लैंग्वेज फॉर्मूला' का विरोध किया है.
इधर, डीएमके सांसद कनिमोझी के साथ हुई घटना का कांग्रेस नेता कार्ति पी चिदंबरम ने भी विरोध किया. पी चिदंबरम के बेटे कार्ति पी चिदंबरम ने कहा कि ये वाकया बेहद आपत्तिजनक और हास्यास्पद है, इसकी घोर आलोचना होनी चाहिए. क्या अब भाषा का टेस्ट हो रहा है, आगे क्या होगा? सीआईएसएफ को इस पर जवाब देना चाहिए.