कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सोमवार को फूड सिक्योरिटी बिल पर चर्चा के दौरान ही संसद में बीमार पड़ गईं. उन्हें तत्काल उनके बेटे राहुल गांधी और कांग्रेस की मंत्री कुमारी शैलजा ने एम्स अस्पताल में भर्ती कराया. उपचार के बाद रात को तकरीबन 1 बजकर 30 मिनट पर उन्हें छुट्टी दे गई.
एम्स के डायरेक्टर आरसी डेका ने बताया, 'सोनिया गांधी को कॉमन कोल्ड और सिर में दर्द था. इसके लिए उन्होंने दवाई ली थी और दवा लेने के बाद उन्हें असहजता महसूस हुई. सोनिया गांधी के सभी टेस्ट कर लिए गए हैं और वे नॉर्मल हैं. वो अपनी कार से घर के लिए रवाना हुई हैं. ज्यादा जानकारी मंगलवार को दिन में अस्तपाल की ओर से जारी की जाएगी.'
हरियाणा से कांग्रेस सांसद और यूपीए सरकार में मंत्री कुमारी शैलजा ने जानकारी दी कि सोनिया गांधी की तबीयत अब पूरी तरह ठीक है. उधर स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने बताया कि सोनिया गांधी छुट्टी लेकर घर जा चुकी हैं. अब उनकी तबीयत ठीक है. तबीयत ठीक होने के बाद सोनिया ने फूड सिक्योरिटी विधेयक पास होने की बधाई दी है.
सोनिया गांधी अस्वस्थ होने के कारण लोकसभा में फूड सिक्योरिटी बिल के पारित होने से पहले ही सदन से चली गईं और मतदान में भाग नहीं ले सकीं. हालांकि, वो इसकी चर्चा में हिस्सा लिया और पूरे दिन सदन में रहीं. जब सोनिया गांधी को एम्स में भर्ती किया गया तब उनके साथ प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा भी मौजूद थे.
सोनिया गांधी का इलाज एम्स के कार्डियो न्यूरो सेंटर में किया गया. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सोनिया गांधी की हालत चिंताजनक नहीं थी. सोमवार की देर शाम सोनिया को बेचैनी, सीने में दर्द और कंपकपी हुई, जिसके बाद उन्हें सदन से बाहर लाया गया था. उन्हें दो दिन से वायरल भी था.
खाद्य सुरक्षा विधेयक को पारित कराने की प्रक्रिया शुरू होने तक सोनिया सदन में थीं और उस पर रखे गए संशोधन पर हुए मत विभाजन में उन्होंने हिस्सा भी लिया. लेकिन इसके बाद वह रात लगभग सवा आठ बजे सदन से चली गई. सोनिया, राहुल गांधी और केन्द्रीय मंत्री कुमारी सैलजा के साथ सदन से बाहर जाती देखी गई.
सोनिया गांधी को अस्पताल में पूछने वालों का तांता लग गया. कांग्रेस पार्टी के लगभग तमाम नेता सोनिया गांधी का हाल जानने पहुंचे. इनमें जर्नादन द्विवेदी, हरियाणा के सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, ज्योतिरादित्य सिंधिया, मोतीलाल वोरा, प्रिया दत्त और अंबिका सोनी जैसे नेता शामिल रहे.