भारतीय जनता पार्टी के विजय रथ को रोकने को विपक्ष एकजुटता के लिए रणनीति बना रहा है. को कांग्रेस अध्यक्ष पद सौंपने के बाद यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी गठबंधन को मजबूत करने में जुटी हुई हैं. मंगलवार को उन्होंने कई विपक्षी पार्टियों के नेताओं को डिनर पर आमंत्रित किया है.
इस डिनर पार्टी में 20 दलों के नेताओं को बुलाया गया था. इसमें कांग्रेस समेत 20 राजनीतिक दलों के नेता पहुंचे. डिनर में एनसीपी के शरद पवार और हाल ही में एनडीए से अलग हुए हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा नेता जीतन राम मांझी भी पहुंचे.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस डिनर के बाद ट्वीट किया कि इस डिनर में विपक्ष के नेताओं को आपस में मुलाकात का मौका मिला. उन्होंने कहा कि इस डिनर से इन नेताओं के बीच नजदीकियां बढ़ी हैं. उन्होंने आगे लिखा कि इस दौरान काफी राजनीतिक बातें हुईं, लेकिन इससे महत्वपूर्ण यहां सकारात्मक ऊर्जा, गर्मजोशी और सच्ची दोस्ती और लगाव देखने को मिला.
इस डिनर के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि यह एक दोस्ताना बैठक थी. इसमें देश के संविधान को बचाने के लिए चर्चा की गई. केंद्र में इस समय तानाशाह सरकार है और हम इस सरकार को हटाना चाहते हैं. आज एनडीए का कोई भी सहयोगी खुश नहीं है. अकाली दल, शिवसेना, टीडीपी सभी नाराज हैं. यह बैठक तो बस एक शुरुआत है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला का बयान- यूपीए अध्यक्षा ने सौहार्द्र और मित्रता वाला भोज दिया है. सरकार जहां दीवारें खड़ी करेगी, तो हम सबसे मिलकर रहेंगे. सरकार संसद चला नहीं रही. किसान, गरीब, मज़दूर के मुद्दे पर चर्चा हो.Fabulous dinner tonight, hosted by UPA Chairperson, Sonia Gandhi Ji. An opportunity for leaders from different political parties to meet and bond, informally.
Much political talk but much more important - tremendous positive energy, warmth and genuine affection.
— Office of RG (@OfficeOfRG)
सुरजेवाला ने कहा, 'कांग्रेस मानती रही है सरकार जहां दीवारें खड़ी करेगी, हम मित्रता और एक दूसरे के साथ चलने का रास्ता बनाएंगे. ये भोज राजनीति के लिए नहीं परंतु यह स्वाभाविक है कि जहां सरकार संसद को चलाने में रुचि नहीं ले रही, वहाँ जब विपक्ष के वो सारे नेता जो अपने अपने तरीके से देश के लोगों की समस्या को लेकर जागरूक भी हैं और चिंतित भी हैं जब वो मिलेंगे तो प्रदेश और देश की राजनीति पर चर्चा जरूर होगी.'
उन्होंने कहा, 'जो संसद देश की धुरी है, उसमें सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित कैसे हो इस पर तो अनौपचारिक बातचीत अवश्य हुई.' एक प्रश्न के उत्तर में सुरजेवाला ने कहा, 'जैसा मैंने कहा कि ये जो रात्रिभोज है ये सौहार्द और मित्रता का है इस का लक्ष्य राजनैतिक नहीं, इसका लक्ष्य परिवारिक सौहार्द्र और मित्रता के माहौल में आपस में वार्तालाप करने का है. आज जब देश के सामने अनेकों विकट संकट हैं, आज देश का हज़ारों करोड़ रुपया लेकर सरकार के नाक के नीचे से भगौड़े भाग गए, आज हज़ारों लाखों किसान सैकड़ों किलोमीटर चलकर अपनी व्यथा सरकार को बता रहे हैं लेकिन सरकार सुन नहीं रही, आज जब बेरोज़गारी सर चढ़कर बोल रही है, आज जब भ्रष्टाचार का बोलबाला है, तो स्वाभाविक तौर से विपक्ष के सभी नेता, चाहे हमारे उसे वैचारिक मतभेद भी हों, वो चिंतित हैं.'
उन्होंने कहा कि सरकार चर्चा से भाग रही है, लेकिन कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि संसद भी चले और सरकार की जवाब देही भी सुनिश्चित हो.
डिनर में इन पार्टियों के नेता हुए शामिल:
1- समाजवादी पार्टी- रामगोपाल यादव
2- एनसीपी- शरद पवार
3- राजद- तेजस्वी यादव और मीसा भारती
4- नेशनल कॉन्फ्रेंस- उमर अबदुल्ला
5- झारखंड मुक्ति मोर्चा- हेमंत सोरेन
6- सीपीआई- डी राजा
7- रालोद- अजित सिंह
8- सीपीएम- मोहम्मद सलीम
9- डीएमके- कनिमोझी
10- बीएसपी- सतीश मिश्रा
11- जेवीएम- बाबूलाल मरांडी
12- आरएसपी- रामचंद्र
13- हिंदुस्तान अवाम मोर्चा- जीतन राम मांझी
14- जेडीएस- डॉ. के रेड्डी
15- एआईयूडीएफ- बदरुद्दीन अजमल
16- तृणमूल कांग्रेस- सुदीप बंदोपाध्याय
17- आईयूएमएल- कुट्टी
18- केरल कांग्रेस के जोश के मनी
19- हिंदुस्तान ट्राइबल पार्टी- शरद यादव
20- कांग्रेस के राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद, मनमोहन सिंह, एके एंटनी, रणदीप सुरजेवाला, अहमद पटेल आदि.
- कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से इस डिनर की कुछ फोटो ट्वीट की गईं-
Leaders from a cross section of parties registered their presence at the dinner.
— Congress (@INCIndia)
- डिनर में सपा के रामगोपाल यादव, बसपा के सतीश मिश्रा, शरद यादव और एनसीपी के शरद पवार.

-डिनर में शामिल होने के लिए शरद यादव पहुंचे
: Opposition leaders at Sonia Gandhi's residence. The leaders are here after being invited for dinner by the UPA chairperson.
— ANI (@ANI)
डिनर में शामिल होने से पहले सीपीआई नेता डी राजा ने कहा कि उन्हें पता चला है कि इसमें और कुछ पार्टियां शामिल हो रही हैं, हालांकि उन्हें यह नहीं पता कि यह क्यों आयोजित की गई है. उन्होंने संभावना जताई कि अभी नहीं, लेकिन भविष्य में गठबंधन बन सकता है.
इस डिनर में के लिए रणनीति पर विचार हो सकता है. इस डिनर में करीब 17 विपक्षी पार्टियों के नेताओं के शामिल होने की संभावना है.
इनको भेजा गया था आमंत्रण
कांग्रेस, सपा, बीएसपी, टीएमसी, सीपीएम, सीपीआई, डीएमके, जेएमएम, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा, आरजेडी, जेडीएस, केरल काँग्रेस, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, आरएसपी, एनसीपी, नेशनल कांफ्रेंस, एआईयूडीएफ, आरएलडी को न्यौता भेजा गया था.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस डिनर में शामिल नहीं हो रही हैं. उनकी तरफ से सुदीप बंदोपाध्याय पहुंचे.
साफ है कि इस डिनर डिप्लोमेसी के जरिये सोनिया एक तीर से दो निशाना साधना चाहती हैं. विपक्षी नेताओं को डिनर पर बुलाकर वह ये साबित करना चाहती हैं कि मोदी के विकल्प के तौर पर बनने वाले गठजोड़ का नेतृत्व कांग्रेस के पास ही होगा.