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चीन से टेंशन के बीच एडवेंचर के लिए खुली सियाचिन की बर्फीली घाटियां, जारी होगा पास

सियाचिन में एडवेंचर के शौकीन लोगों को इंडियन आर्मी की एडवेंचर सेल पास जारी करेगी. हालांकि इसके लिए सभी सैलानियों को लेह जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल और क्वारनटीन जरूरतों का पालन करना होगा. इस वक्त गैर स्थानीय व्यक्ति लेह के 40 किलोमीटर के दायरे में ही घूम फिर सकते हैं.

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सियाचिन में योग करते भारतीय सेना के जवान (फाइल फोटो-पीटीआई)
सियाचिन में योग करते भारतीय सेना के जवान (फाइल फोटो-पीटीआई)

  • सियाचिन को सेना ने नागरिकों के लिए खोला
  • सियाचिन दुनिया का सबसे ऊंचा रणक्षेत्र
  • माइनस-20 से 30 डिग्री रहता है तापमान
चीन से तनाव के बीच भारत ने बड़ा फैसला लिया है. भारतीय सेना ने अब सियाचिन की बर्फीली वादियों को नागरिकों के लिए खोल दिया है. रोमांच और पर्यटन के शौकीन लोगों के लिए यहां शानदार मौके मौजूद हैं.

सियाचिन की घाटियों में एडवेंचर

दुनिया का सबसे ऊंचा रणक्षेत्र समझे जाने वाले सियाचिन को खोलने का फैसला तो पिछले साल अक्टूबर में ही लिया गया था, लेकिन अब चीन से तनातनी के बीच सियाचिन को नागरिकों के लिए खोल सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि रणनीतिक और सामरिक महत्व के इन इलाकों को बंजर और बिना विकास के नहीं छोड़ा जा सकता है.

गलवान के पश्चिम में है सियाचिन

बता दें कि सियाचिन उस गलवान घाटी से पश्चिम में स्थित है जहां जून में चीन ने विश्वासघात किया था. सियाचिन में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में यहां मौजूद फॉरर्वर्ड पोस्ट पर आबादी बहुत कम है. बॉर्डर पर मौजूद होने की वजह से इनके सामने चीन और पाकिस्तान दोनों ओर से खतरा है.

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पढ़ें- सियाचिन में 1984 से बिना युद्ध के 873 जवान शहीद, PAK से बड़ा दुश्मन मौसम

वहीं इसके ठीक विपरीत लेह और लुब्रा में पर्यटन खोलने का फायदा ये हुआ है कि यहां आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं, और लोग आर्थिक रूप से मजबूत हुए हैं.

सियाचित बेस कैंप लेह से उत्तर में लगभग 225 किलोमीटर की दूरी पर है. बेस कैंप ही समुद्र तट से 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है. जबकि कुमार पोस्ट की ऊंचाई 15000 फीट है.

आर्मी जारी करेगी पास

सियाचिन में एडवेंचर के शौकीन लोगों को इंडियन आर्मी की एडवेंचर सेल पास जारी करेगी. हालांकि इसके लिए सभी सैलानियों को लेह जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल और क्वारनटीन जरूरतों का पालन करना होगा. इस वक्त गैर स्थानीय व्यक्ति लेह के 40 किलोमीटर के दायरे में ही घूम फिर सकते हैं.

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