‘हिंदू आतंकवाद’ के नाम पर कार्रवाई के खिलाफ शिवसेना ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा है. शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में लिखे संपादकीय में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मांग की है कि बिना जांच के हिन्दुओं को ‘आतंकवादी’ नहीं कहा जाए. उद्धव ठाकरे ने हालिया गिरफ्तारियों और गुजरात दंगों का हवाला देते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर प्रहार किया.
संपादकीय में लिखा गया है- ‘अगर अमित शाह जैसे दंगा आरोपी राष्ट्रीय नेता बन सकते हैं, तो हिन्दुत्ववाद आतंकवाद नहीं है.’ सामना के संपादकीय में लिखा गया है- ‘कांग्रेस के राज में हिंदू आतंकवाद का बहुत ढोल पीटा गया था, लेकिन आज बीजेपी राज्य के साथ-साथ केंद्र की सत्ता में भी है, फिर भी ढोल का पीटा जाना जारी है. बीजेपी को इस पर सफाई देनी चाहिए.’
उद्धव ठाकरे ने संपादकीय में लिखा कि सनातन संस्था ने गिरफ्तार कार्यकर्ताओं के अपने संगठन से जुड़े होने से इनकार किया है. मौजूदा हालत में सच सामने आना चाहिए, जो एटीएस की ओर से कहा जा रहा है, उसे किसी को भी मानना ही पड़ेगा.’
केंद्र और महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार को कटघरे में खड़े करते हुए संपादकीय में लिखा गया कि अगर हिंदू अपने ही हिन्दुस्तान में आतंकी बनने को मजबूर किए जा रहे हैं, तो यह मोदी और फडणवीस के राज में हैरान करने वाला है.
उद्धव ठाकरे ने कहा कि वो जो अपनी जान की परवाह किए बिना राम जन्मभूमि के लिए लड़े, उनके खिलाफ केस दर्ज हुए, कांग्रेस के राज में उन्हें मुश्किल हालात से गुजरना पड़ा. हम सिर्फ उम्मीद करते हैं कि उन्हें हिंदू आतंकवादियों के तौर पर पेश नहीं किया जाएगा. उद्धव ठाकरे ने सवाल दागा कि आखिर वो युवा जिनकी मूंछ भी नहीं आई, वो कैसे विस्फोटक जमा करके रख सकते हैं? उन्होंने साथ में यह भी कहा कि मामले में पुलिस को गहराई से जांच करनी चाहिए.
उद्धव ठाकरे ने कहा कि जिन्होंने भी पनसारे और दाभोलकर की हत्या की है, उन्हें सख्त सजा मिलनी चाहिए, लेकिन सरकार को हिन्दुओं को आतंकवादियों के तौर पर पेश नहीं करना चाहिए. और सिर्फ कार्रवाई दिखाने के नाम पर गिरफ्तारियां न की जाएं, क्योंकि अगर राष्ट्र के लिए कल को मुश्किल स्थिति आती है, तो हिन्दुओं के मस्तिष्क और बाजू ऐसी कार्रवाइयों से पहले से ही कुंद हो सकते हैं.