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अगला सीबीआई निदेशक चुनने के लिए 24 जनवरी को होगी बैठक

देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी सीबीआई में मची रार के बाद अब नए निदेशक की नियुक्ति के लिए 24 जनवरी को प्रधानमंत्री की अगुवाई वाली चयन समिति की बैठक होगी.

सीबीआई मुख्यालय (फाइल फोटो-पीटीआई) सीबीआई मुख्यालय (फाइल फोटो-पीटीआई)

सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा की छुट्टी के बाद प्रधानमंत्री की अगुवाई में 3 सदस्यीय चयन समिति की बैठक 24 जनवरी को होगी. इसमें नए सीबीआई निदेशक का चयन किया जाएगा. इस समिति में प्रधानमंत्री के अलावा सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और लोकसभा में विपक्ष के नेता या सबसे बड़े दल के नेता शामिल हैं. सुप्रीम कोर्ट द्वारा आलोक वर्मा की सीबीआई निदेशक के तौर पर बहाली के 2 दिन बाद 10 जनवरी को प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश के प्रतिनिधि जस्टिस ए. के. सीकरी और सबसे बड़े विपक्षी दल कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की समिति ने बैठक की थी. इसमें आलोक वर्मा को हटाने का फैसला किया गया था.

इस उच्च स्तरीय चयन समिति की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जस्टिस सीकरी ने आलोक वर्मा के हटाए जाने का समर्थन किया था, जबकि लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि वर्मा को सुनने का मौका दिया जाना चाहिए. आलोक वर्मा जिन्हें 31 जनवरी को रिटायर होना था, पहले सीबीआई निदेशक हैं जिनके 2 साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले निदेशक के पद से हटाया गया.

सीबीआई से आलोक वर्मा को हटाए जाने के बाद एम नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक के तौर पर 23-24 अक्टूबर की रात बड़े ही नाटकीय घटनाक्रम में नियुक्त किया गया था, जब वर्मा से कार्यभार लेकर छुट्टी पर भेजते हुए राव को उनकी ताकत सौंप दी गई थी.

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में मांग की थी कि वे जल्द ही अगले सीबीआई निदेशक के चयन समिति की बैठक बुलाएं क्योंकि सीबीआई में अंतरिम निदेशक का कोई वैधानिक पद नहीं है. 14 जनवरी को पीएम मोदी को लिखी अपनी दो पेज की चिट्ठी में खड़गे ने केंद्र सरकार पर अंतरिम निदेशक की नियुक्ति का मन बना लेने का आरोप लगाया था क्योंकि 10 जनवरी को हुई चयन समिति की बैठक में नए निदेशक का जिक्र नहीं किया गया था. खड़गे ने अपनी चिट्ठी में सरकार से आलोक वर्मा पर केंद्रीय सतर्कता समिति की रिपोर्ट, जस्टिस पटनायक की रिपोर्ट और 10 जनवरी की बैठक के मिनट साझा करने की भी मांग की थी.  

गौरतलब है कि आलोक वर्मा ने सीबीआई निदेशक के पद से छुट्टी पर भेजे जाने के सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. इसके बाद कोर्ट ने सीवीसी से वर्मा पर लगे आरोपों को सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस एके पटनायक की निगरानी में फिर से करने के निर्देश दिए थे. कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह चिट्ठी जस्टिस पटनायक के हालिया खुलासे के बाद लिखी जिसमें उन्होंने कहा था कि वर्मा के खिलाफ गवाहों की तरफ से भ्रष्टाचार के कोई सबूत नहीं मिले जैसा कि सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना का दावा था. जस्टिस पटनायक ने यह भी कहा था कि सतर्कता आयोग की जांच रिपोर्ट का निष्कर्ष उनका नहीं था.

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