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अब संसद ने ली किन्नरों की सुध

धारा 377 को लेकर किन्नर समुदाय को भले ही सुप्रीम कोर्ट में बड़ा झटका लगा हो, लेकिन देश में कोई तो है जो इस समुदाय की सुध ले रहा है. सरकार ने आज बताया कि किन्नरों की समस्याओं से जुडे मुद्दों पर विचार करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की गयी है जो तीन माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

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धारा 377 को लेकर किन्नर समुदाय को भले ही सुप्रीम कोर्ट में बड़ा झटका लगा हो, लेकिन देश में कोई तो है जो इस समुदाय की सुध ले रहा है. सरकार ने आज बताया कि किन्नरों की समस्याओं से जुडे मुद्दों पर विचार करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की गयी है जो तीन माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री माणिकराव एच गावित ने मोहम्मद अली खान एवं टी रत्‍नाबाई के सवालों के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 22 अक्‍टूबर 2013 के एक आदेश के जरिये एक विशेषज्ञ समिति गठित की गयी है.

उन्होंने बताया कि यह समिति किन्नर समुदाय के समक्ष आ रही समस्याओं पर व्यापक अध्ययन करेगी और उनके समाधान के लिए कई उपायों के बारे में सुझाव देगी. मंत्री ने बताया कि अभी तक इस समिति की दो बैठकें हो चुकी हैं. समिति से तीन माह के भीतर उसकी रिपोर्ट देने को कहा गया है.

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