सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस प्रावधान को रद्द कर दिया, जिसके तहत महिला मेकअप कलाकारों और हेयरड्रेसरों के पेशेवर संगठनों का सदस्य बनने पर रोक थी. इस प्रावधान के मुताबिक महिलाएं फिल्म उद्योग में मेकअप कलाकार और हेयरड्रेसर नहीं बन सकतीं थीं.
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मेकअप आर्टिस्ट और हेयरड्रेसर संगठन के उस प्रावधान को भी खत्म कर दिया, जिसके मुताबिक संगठन का सदस्य बनने के लिए दावेदारी पेश करने वाले शख्स को पांच साल से एक विशेष जगह का निवासी होना चाहिए.
अदालत का यह आदेश महिला मेकअप आर्टिस्ट चारू खुराना की याचिका पर आया है, जिसमें उन्होंने इन दोनों प्रावधानों को यह कहते हुए चुनौती दी थी कि इन प्रावधानों के आधार पर महिलाओं के साथ भेदभाव किया जा रहा है.
(इनपुट: IANS)