scorecardresearch
 

सरबजीत के परिवार ने लगाई सरकार से गुहार

पाकिस्तान में 1990 के बम विस्फोट मामले में भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की मौत की सजा बरकरार रखे जाने के बाद उसकी पत्नी और बेटियों ने आज भारत सरकार से हस्तक्षेप कर उसकी रिहाई सुनिश्चित करने की अपील की.

Advertisement
X

पाकिस्तान में 1990 के बम विस्फोट मामले में भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की मौत की सजा बरकरार रखे जाने के बाद उसकी पत्नी और बेटियों ने आज भारत सरकार से हस्तक्षेप कर उसकी रिहाई सुनिश्चित करने की अपील की.

निर्दोष है सरबजीत
परिवार ने कहा कि सरबजीत निर्दोष है और वह उम्रकैद की अवधि से अधिक की सजा जेल में काट चुका है. सरबजीत की पत्नी सुखप्रीत कौर ने कहा मैं भारत और पाकिस्तान सरकार से अपील करती हूं. मेरे पति निर्दोष हैं. वह उम्रकैद की अवधि से अधिक सजा काट चुके हैं. लंबे अरसे से हम प्रताड़ित हो रहे हैं. यदि भारत सरकार दबाव बनाए तो उन्हें बचाया जा सकता है. भारत सरकार को चुप नहीं बैठना चाहिए.

पाक सरकार के फैसले से गहरा सदमा
सरबजीत की युवा बेटियों स्वप्नदीप और पूनम ने कहा हमें पूर्ण विश्वरस था कि पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट में हमारे पिता के मामले की सुनवाई का सकारात्र्मक परिणाम निकलेगा लेकिन अब हमें गहरा सदमा लगा है. हमें इसकी उम्मीद नहीं थी..वह भारतीय नागरिक हैं. भारत सरकार को कुछ करना चाहिए. हम पाकिस्तान सरकार को उनके निर्दोष होने के सबूत दे चुके हैं.

सरबजीत मामले पर केंद्र सरकार करे हस्‍तक्षेप
इस बीच जाने माने वकील राम जेठमलानी ने कहा है कि भारत सरकार को मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए. सरबजीत का प्रतिनिधित्व कर रहे राणा अब्दुल हामिद पिछले साल पंजाब प्रांत के अतिरिक्त महाधिवक्ता नियुक्त होने के बाद से ही अदालत में पेश नहीं हो पा रहे थे. पाकिस्तान में 1990 में हुए चार बम विस्फोटों में कथित संलिप्तता में दोषी ठहराए जाने के बाद से ही सरबजीत को पल पल मौत के साए में जीना पड़ रहा है. बम विस्फोटों में 14 लोग मारे गए थे.

पूनम ने बताया कि नया वकील अदालत में इस आधार पर पेश नहीं हुआ कि उसे पैसे नहीं मिले हैं. उसने कहा जब हमारे पिता का मुकदमा लड़ने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर हुए तो वकीलों ने कहा कि वे दो लाख रुपये लेंगे और सरबजीत के घर लौटने पर एक लाख रुपये की अतिरिक्त राशि भी वसूल करेंगे. पूनम ने कहा हम इससे अधिक पैसा दे चुके हैं लेकिन वकील कह रहा है कि उसे पैसे नहीं मिले हैं. हम बहुत कुछ कर चुके हैं.

Advertisement
Advertisement