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रेयान स्कूल फिर 24 सितंबर तक बंद, 10 दिन बाद कल ही खुला था, 1200 में से सिर्फ 250 बच्चे ही पहुंचे

प्रद्युम्न के पिता बोले कि जब तक केस सीबीआई को हैंडओवर नहीं हो जाता है, तब तक प्रशासन स्कूल को कैसे खुलने दे सकता है. उन्होंने कहा कि हम अपनी बेटी को उस स्कूल में नहीं भेजेंगे, किसी भी स्कूल में भेजने से डर लगता है.

10 दिन बाद खुलेगा रेयान इंटरनेशनल स्कूल 10 दिन बाद खुलेगा रेयान इंटरनेशनल स्कूल

गुरुग्राम का रेयान इंटरनेशनल स्कूल को सोमवार को फिर से खोला गया था. 7 वर्षीय छात्र प्रद्युम्न की हत्या की वजह से 10 दिन से स्कूल बंद था. लेकिन एक बार फिर गुरुग्राम प्रशासन ने 24 सितंबर तक स्कूल को बंद रखने का फैसला लिया है. सोमवार को जैसे ही स्कूल खुला कई अभिभावकों ने स्कूल कैंपस में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए.

साथ ही प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर ने भी स्कूल खोलने का विरोध किया. उन्होंने इसके लिए गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर को खत लिखकर इसका विरोध जताया. उन्होंने लिखा कि सीबीआई ने अभी तक केस अपने हाथ में नहीं लिया है. लेकिन इससे पहले ही स्कूल खुल गया है, जिससे सबूतों को खतरा पहुंच सकता है. उन्होंने अपील की है कि जब तक सीबीआई केस को अपने हाथ में ना लें तो स्कूल को बंद रखा जाए.

सोमवार को आए मात्र 250 बच्चे

गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर विनय प्रताप सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि सोमवार को स्कूल में कुल 250 बच्चे आए हैं, हमें अभिभावको के खोए विश्वास को वापस लाना है. स्कूल में अभिभावकों से सुरक्षा पर बैठक हुई है, अगले शनिवार को PTM रखेंगे.

उन्होंने कहा कि अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है. उन्होंने बताया कि स्कूल भले ही खुला हो लेकिन घटना स्थल पूरी तरह से सील है.

विनय प्रताप बोले कि जो अभिभावक अपने बच्चों को रेयान स्कूल में नहीं पढ़ाना चाहते हैं, उनसे कहूंगा कि हमने स्कूल को टेकओवर कर लिया है वो सुरक्षा देख लें अगर संतुष्ट नहीं हैं तो हम उन्हें ट्रांसफर सर्टिफिकेट दे देंगे. हमने आज भी स्कूल में बच्चों की काउंसलिंग की है, दूसरे स्कूलों में भी करवाएंगे. अगले 3 महीने में स्कूल की स्थिति को ठीक करेंगे. शाम को बैठक में तय होगा कि कल स्कूल खुलेगा या नहीं. आपको बता दें कि हरियाणा के शिक्षामंत्री रामविलास शर्मा के बयान के अनुसार, स्कूल में 1200 बच्चे हैं.

बच्चों में अभी भी है डर

स्कूल खुलते ही बच्चों का पहुंचना शुरू हो गया है. स्कूल पहुंचे एक छात्र ने कहा कि स्कूल आने में काफी डर लग रहा है लेकिन क्योंकि स्कूल खुला है इसलिए आना जरूरी था. वहीं स्कूल पहुंचे अभिभावक ने कहा कि क्योंकि हमारा बच्चा 11वीं क्लास में पढ़ रहा है इसलिए हम उसकी पढ़ाई का नुकसान नहीं कर सकते हैं.

हालांकि, एक बच्ची स्कूल आने के बाद रोने लगी और डर से वह स्कूल में रहने को तैयार नहीं हुई. इसके बाद पेरेंट्स को उसे वापस लेकर जाना पड़ा. इन पेरेंट्स ने बताया कि स्कूल में सुरक्षा को लेकर संतुष्ट होने के बाद ही वे अपने बच्चों को वापस भेजेंगे.

स्कूल से नाम कटवा रहे बच्चे

वहीं कुछ ऐसे अभिभावक भी थे जो अब अपने बच्चों को रेयान में पढ़ाना ही नहीं चाहते हैं. अपने बेटे मानस के साथ स्कूल पहुंचे मदन स्कूल तो पहुंचे लेकिन बेटे का ट्रांसफर सर्टिफिकेट लेने. मदन के मुताबिक प्रद्युम्न की हत्या कर बाद अब वो अपने बेटे को रेयान के अलावा किसी और स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं. वहीं उनके बेटे मानस ने भी इस स्कूल में पढ़ने से मना कर दिया. 

मिलेगा सबूतों से छेड़छाड़ का मौका

प्रद्युम्न के पिता बोले कि जब तक केस सीबीआई को हैंडओवर नहीं हो जाता है, तब तक प्रशासन स्कूल को कैसे खुलने दे सकता है. उन्होंने कहा कि हम अपनी बेटी को उस स्कूल में नहीं भेजेंगे, किसी भी स्कूल में भेजने से डर लगता है. वरुण बोले कि हमें लगता है कि इस घटना में स्कूल के ही कुछ लोग शामिल हैं, अगर स्कूल दोबारा खुलता है तो लोगों को सबूतों से छेड़छाड़ करने का मौका मिल जाएगा.

कोर्ट ने सरकार को थमाया है नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों की सुरक्षा के मामले में केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से जवाब मांगा है. कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि स्कूलों की सुरक्षा में क्या कदम उठाए जा रहे हैं. कोर्ट ने 3 हफ्तों में जवाब देने को कहा है. गौरतलब है कि गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुई प्रद्युम्न की हत्या के बाद स्कूलों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं.

क्या है पूरा मामला?

रेयान इंटरनेशनल स्कूल में बीते 8 सितंबर को दूसरी क्लास में पढ़ने वाले 7 साल के प्रद्युम्न के साथ कुकर्म की कोशिश करने के बाद उसकी गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस मामले में बस कंडक्टर अशोक समेत तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस द्वारा पूछताछ में आरोपी अशोक कुमार ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था.

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