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चर्चा के लिए राहुल को न्योता भेजेगा RSS, कांग्रेस बोली- पहले देखेंगे 'भाषा'

गौरतलब है कि इसी साल 7 जून को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी संघ के कार्यक्रम में नागपुर गए थे. यहां प्रणब ने RSS तृतीय वर्ष संघ शिक्षा वर्ग के समापन समारोह को संबोधित किया. इस मुद्दे पर काफी राजनीतिक बहस हुई थी.

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फाइल फोटो) कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फाइल फोटो)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पिछले कुछ समय से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के निशाने पर रहा है. इस बीच RSS अगले माह होने वाले अपने एक कार्यक्रम के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी को निमंत्रण भेजने की तैयारी कर रहा है. 

आरएसएस का ये कार्यक्रम अगले महीने 17 से 19 सितंबर तक चलेगा. इसमें 'भविष्य का भारत' कार्यक्रम के तहत राहुल और येचुरी समेत अन्य राजनीतिक दलों को RSS न्योता भेजेगा.

वहीं संघ के न्योते पर कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी इस पर तभी बोलेगी जब उन्हें आधिकारिक तौर पर निमंत्रण मिलेगा. वह पहले न्योते की भाषा देखना चाहती है.

राहुल गांधी लगातार आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी पर आक्रामक रूप से निशाना साधते रहे हैं. हाल ही के दिनों में राहुल सीधे आरएसएस का नाम ले उसपर देश को बांटने का आरोप लगाते रहे हैं.

हाल ही में अपने विदेशी दौरे के दौरान भी राहुल गांधी ने आरएसएस पर देश की संस्थाओं पर अपना एकाधिकार चलाने का आरोप लगाया था. आपको बता दें कि भविष्य के भारत की परिकल्पना और संघ की सोच के विषय पर मोहन भागवत संवाद करेंगे.

मोहन भागवत देश के प्रबुद्ध नागरिकों से ' भविष्य का भारत- आरएसएस का दृष्टिकोण' विषय पर 17 से 19 सितंबर तक दिल्ली के विज्ञानभवन में संवाद करेंगे. प्रबुद्ध वर्ग राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर संघ का दृष्टिकोण जानने को उत्सुक है इसलिए समसामयिक मुद्दों पर संघ के विचार मोहन भागवत सबके सामने रखेंगे.

RSS प्रचारक अरुण कुमार का कहना है कि इस बैठक में समाज के हर क्षेत्र के लोगों को बुलाया जाएगा. जाहिर है कि राजनीतिक दलों को भी बुलाया जाएगा, हम सभी राजनीतिक पार्टियों को न्योता देंगे. उन्होंने राहुल पर निशाना साधते हुए कहा कि जो अभी तक भारत को नहीं समझ पाया है, वह संघ को क्या समझेगा.

अरुण कुमार ने कहा कि सारी दुनिया मुस्लिम आतंकवाद, मुस्लिम ब्रदरहुड से कितनी पीड़ित है. अगर ये समझते तो ये नहीं कहते, वैसे भी वो कहते हैं कि अभी पूरे भारत को नहीं समझ पाए हैं, जब भारत को नहीं समझा है तो संघ को नहीं समझ पाएंगे.

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