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रविशंकर प्रसाद बोले- सोशल मीडिया के जरिए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करने दिया जाएगा

2019 में होने वाले चुनावों को देखते हुए सोशल मीडिया पर सरकार की गंभीर नजर है. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ऐसे साधनों की मदद से चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

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रविशंकर प्रसाद (फाइल फोटो) रविशंकर प्रसाद (फाइल फोटो)

सोशल मीडिया के कथिततौर पर दुरुपयोग के मामले को भारत सरकार गंभीरता से ले रही है. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भारत की चुनाव प्रक्रिया को सोशल मीडिया के जरिए दुष्प्रभावित नहीं करने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसके लिए डेटा सुरक्षा और व्यक्तिगत निजता कानून के जरिए सख्त कदम उठाए गए हैं.

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी एक बयान के अनुसार, अर्जेंटीना के साल्टा में 23-24 अगस्त को आयोजित G-20 डिजिटल इकॉनोमी के मंत्रिस्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रसाद ने कहा कि सोशल मीडिया द्वारा डेटा का दुरुपयोग करने की रिपोर्ट को भारत ने गंभीरता से लिया है, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से कभी समझौता नहीं किया जाना चाहिए.

केंद्रीय मंत्री का यह बयान केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा ब्रिटिश कंसल्टेंसी फर्म कैंब्रिज एनालिटिका के खिलाफ कथित तौर पर फेसबुक पर भारत के लोगों के निजी डेटा का उपयोग करने को लेकर शुरू की गई प्रारंभिक जांच के बाद आया है.

ब्रिटिश कंसल्टेंसी फर्म पर अमेरिका में 2016 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में भी कथिततौर पर हस्तक्षेप करने का आरोप है. मंत्रालय के बयान के अनुसार, रविशंकर प्रसाद ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने सोशल मीडिया मंच के डेटा का दुरुपयोग करने के मामले को गंभीरता से लिया है. ऐसे मंचों को हमारी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की अनुमति कभी नहीं होगी. भारत इस प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने वालों को रोकने और उन्हें दंडित करने के लिए जरूरी कदम उठाएगा.

प्रसाद ने G-20 की बैठक में यह भी प्रस्ताव दिया कि डिजिटल मंचों को अपने राजस्व का एक हिस्सा मेजबान के बाजार में दोबारा निवेश करना चाहिए. मंत्रालय के अनुसार, भारत के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में 1.21 अरब मोबाइल फोन हैं, जिनमें 45 करोड़ स्मार्टफोन हैं. इसके अलावा इंटरनेट के करीब 50 करोड़ ग्राहक हैं.

गौरतलब है कि इससे पहले भी रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि फेसबुक, वॉट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को खुद फेक न्यूज के प्रसार को रोकना चाहिए और सरकार ऐसे प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को स्वीकार नहीं करेगी.

उन्होंने कहा, ‘कोई विदेशी संस्था, फेसबुक या कैंब्रिज एनालिटिका भारत में चुनावों को प्रभावित करने के लिए भारतीयों के डेटा का दुरुपयोग नहीं कर सकती. भारत में चुनाव बहुत पारदर्शी और सुरक्षित हैं.’ उन्होंने कहा कि सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों से कहा है कि वे फेक न्यूज या अनुचित खबरों का प्रसारण नहीं कर सकती. यह स्वीकार्य नहीं होगा.

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