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राम मंदिर: भूमि पूजन में शामिल होने के लिए मोहन भागवत, उमा भारती को निमंत्रण

5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद भूमि पूजन में शामिल होने अयोध्या जाएंगे. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी के अलावा, अवधेशानंद सरस्वती, उमा भारती, साध्वी ऋतंभरा, रामभद्राचार्य, इकबाल अंसारी, मोहन भागवत, कल्याण सिंह, विनय कटियार को भी भूमि पूजन में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया है.

संघ प्रमुख मोहन भागवत (फाइल फोटो) संघ प्रमुख मोहन भागवत (फाइल फोटो)

  • उमा भारती, मोहन भागवत, कल्याण सिंह को निमंत्रण
  • भूमि पूजन में शामिल नहीं होगा कोई केंद्रीय मंत्री
  • आडवाणी और जोशी के भी अयोध्या जाने की संभावना नहीं

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कार्य के लिए भूमि पूजन की तैयारी शुरू हो गई है. 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद भूमि पूजन में शामिल होने अयोध्या जाएंगे. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी के अलावा, अवधेशानंद सरस्वती, उमा भारती, साध्वी ऋतंभरा, रामभद्राचार्य, इकबाल अंसारी, मोहन भागवत, कल्याण सिंह, विनय कटियार को भी भूमि पूजन में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया है.

अब अगर बात करें कि कौन नहीं आने वाला है तो भूमि पूजन कार्यक्रम में कोई केंद्रीय मंत्री शामिल नहीं होगा. राजनाथ सिंह और अमित शाह के आने के आशंका जताई जा रही थी, लेकिन अब ये दोनों भी नहीं आएंगे. उम्र स्वास्थ्य और कोरोना को देखते हुए लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के भी अयोध्या आने की संभावनाएं नहीं है.

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किसी मुख्यमंत्री को इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है. वहीं, किसी उद्योगपति को भी भूमि पूजन का निमंत्रण नहीं भेजा गया है. सभी धर्मों के प्रतिनिधि भूमिपूजन में उपस्थित होंगे. श्री श्री रविशंकर सरीखे बड़े घर्म गुरुओं को भी अभी तक न्योता नहीं दिया गया है. अभी तक बनी सूची में 208 लोगों को नाम हैं और इसमें बदलाव भी हो रहा है.

पीएम मोदी कराएंगे मंदिर निर्माण शुरू- उमा भारती

इससे पहले, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने पीएम मोदी का बचाव करते हुए कहा था कि सोमनाथ मंदिर का निर्माण कार्य राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने शुरू कराया था. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी तर्ज पर मंदिर निर्माण का कार्य शुरू कराएंगे.

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फायर ब्रांड नेत्री ने कहा था कि अयोध्या अब विवाद का विषय नहीं रहा. वहां आस्था का टकराव नहीं था. मुसलमानों की आस्था खुदा पर है, मक्का मदीना पर है, इस्लाम पर है, लेकिन बाबर या बाबर की बनवाई हुई किसी यादगार पर नहीं. उन्होंने कहा था कि हिंदू हों या मुसलमान, सबकी नजर में बाबर एक विदेशी हमलावर था. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उमा भारती ने कहा था कि अयोध्या मुद्दे को नेहरू ने राजनीतिक मंशा से साल 1949 में विवादित बना दिया.

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