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राजनाथ सिंह ने कहा- पड़ोसी पाकिस्तान है कि मानता ही नहीं, आतंकवाद के खिलाफ संसद एकजुट

इस्लामाबाद में आयोजित सार्क सम्मेलन में राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को लेकर पड़ोसी पाकिस्तान को जमकर खरी-खोटी सुनाई. घबराए पाकिस्तान ने राजनाथ सिंह के भाषण के मीडिया कवरेज पर रोक लगा दी. इसके बाद वह लंच में भी शामिल नहीं हुए.

पाक में राजनाथ ने उठाया था आतंकवाद का मुद्दा पाक में राजनाथ ने उठाया था आतंकवाद का मुद्दा
22:10

पाकिस्तान दौरे के बाद संसद में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बयान दिया. उन्होंने आतंकवाद के मुद्दे पर दो टूक शब्दों मे कहा कि आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए खतरा है. आतंकी किसी भी देश के लिए शहीद नहीं होता है. एक देश का आतंकी दूसरे देश के लिए शहीद कभी भी नहीं हो सकता.

उन्होंने राज्यसभा में पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुए सार्क समिट की जानकारी देते हुए कहा कि सार्क के सभी देशों ने आतंकवाद की निंदा की. मैंने दुनिया के लिए आतंकवाद को सबसे बड़ा खतरा बताया. आतंकवाद अच्छा या बुरा नहीं होता बल्कि आतंकवाद सिर्फ आतंकवाद होता है. आतंकियों के प्रत्यर्पण के लिए कड़े नियम को बनाए जाने की भी उन्होंने वकालत की.

स्पीच न दिखाने पर कहा:-

1. ये सच है कि दूरदर्शन पीटीआई और ANI की मीडिया को घुसने नहीं दिया.

2. मर्यादित व्यवहार किया या नहीं उन्होंने जो किया उन्होंने किया पर भारत मेहमान नवाजी में अपनी एक अलग साख रखता है.

3. उन्होंने लंच पर आमंत्रित किया या नहीं मुझे कोई नाराजगी नहीं पर मैं वहां भोजन करने नहीं गया था.

आतंकी संगठनों के प्रदर्शन पर कहा:-
हमें होटल तक हेलीकाप्टर से ले जाया गया था. होटल तक विरोध हो रहा था, पर अगर विरोध की चिंता रही होती तो वहां जाता ही नहीं.

स्पीच ब्लैक आउट पर बोले- पूरी जानकारी नहीं
सार्क सम्मेलन में दी गई स्पीच के कवरेज पर रोक लगाने को लेकर राजनाथ ने कहा कि इस पर विदेश मंत्रालय से विस्तृत जानकारी लेनी पड़ेगी. क्या परंपरा है उसकी जानकारी हमें नहीं है.

राजनाथ ने BSF को लेकर कहा कि हमने ये कह रखा है कि अपनी तरफ से गोली नहीं चलानी है पर अगर गोली चलती है तो अनुमति लेने की जरूरत नहीं है.

खुद से ज्यादा भारत की मर्यादा प्यारी
राजनाथ ने कहा कि उनके साथ जो भी व्यवहार किया गया उसको लेकर उन्हें शिकायत नहीं है. लेकिन भारत की मर्यादा के लिए उन्हें जो करना था वो उन्होंने किया. इससे पहले राजनाथ ने राज्यसभा में भी बयान दिया. वह गुरुवार को एक दिन के सार्क गृह मंत्री सम्मेलन में हिस्सा लेने इस्लामाबाद गए थे. इस दौरान राजनाथ ने आतंकवाद को लेकर पाक को उसी की धरती पर लताड़ लगाई थी.

राज्यसभा में बोले- पाकिस्तान को दिया संदेश
राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में अपने पाकिस्तानी दौरे के बारे में बयान दिया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को संदेश दे दिया गया है कि आतंकवाद अच्छा या बुरा नहीं होता. राजनाथ ने बताया कि सार्क सम्मेलन में उन्होंने आतंकवाद का मुद्दा उठाया और कहा कि आतंकवादियों पर दुनिया के लगाए बैन का सम्मान हो. साथ ही उन्होंने पाकिस्तान को यह भी स्पष्ट कर दिया कि आतंकवादियों को शहीद न बनाया जाए. साथ ही सभी सदस्य देशों से कहा कि आतंकवाद का समर्थन करने वाले देश के खिलाफ भी कार्रवाई हो.

कांग्रेस ने बयान का स्वागत किया
राज्यसभा में कांग्रेस की तरफ से नेता गुलाम नबी आजाद ने मोर्चा संभाला. उन्होंने राजनाथ के बयान का स्वागत किया. साथ ही राजनाथ के दौरे पर पाकिस्तानी रवैये की निंदा भी की. दूसरी तरफ एसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि पाकिस्तान नम्रता से नहीं सुनता.

भारत से गए पत्रकारों को अंदर नहीं जाने दिया गया
राजनाथ ने कहा कि पाकिस्तान में उनकी स्पीच की कवरेज पर रोक को लेकर वह कोई टिप्पणी नहीं करेंगे. क्योंकि अभी उन्हें यह जानकारी नहीं कि पाकिस्तान इस मसले पर सही था या गलत. कवरेज को लेकर नियमों के बारे में उन्हें विदेश मंत्रालय से पूछना पड़ेगा. हालांकि वे बोले कि यह सच है कि भारत से गए एएनआई, पीटीआई और दूरदर्शन के रिपोर्टरों को अंदर नहीं घुसने दिया गया.

पाक गृहमंत्री ने लंच पर इनवाइट किया और गाड़ी में चले गए
राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के गृहमंत्री ने अपने सभी समकक्षों को सम्मेलन के बाद लंच के लिए इनवाइट किया और तुरंत बाद ही गाड़ी में बैठकर चले गए. राजनाथ बोले कि 'उसके बाद मैं भी रवाना हो गया, क्योंकि मैं वहां खाना खाने नहीं गया था.' पाकिस्तान के रवैये पर राजनाथ ने कहा कि 'उन्हें जो करना था उन्होंने किया, मुझे कोई शिकवा-शिकायत नहीं है'.

इस्लामाबाद में आयोजित सार्क सम्मेलन में राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को लेकर पड़ोसी पाकिस्तान को जमकर खरी-खोटी सुनाई. घबराए पाकिस्तान ने राजनाथ सिंह के भाषण के मीडिया कवरेज पर रोक लगा दी. इसके बाद वह लंच में भी शामिल नहीं हुए.

पाकिस्तान ने दी सफाई
सार्क सम्मेलन में आतंकवाद के मसले पर भारत की खरी-खरी सुनने के बाद पाकिस्तान ने सफाई दी है. पड़ोसी मुल्क के गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान ने कहा कि राजनाथ सिंह ने अपने भाषण में किसी देश का नाम नहीं लिया. चौधरी निसार ने कहा, 'आमतौर पर बैठक का माहौल अच्छा रहा. भारत की ओर से पाकिस्तान पर दबाव बनाने की कोशिश की गई.'

पाक पीएम ने किया काबुल, ढाका और पठानकोट हमले का जिक्र
पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ ने सम्मेलन का आगाज करते हुए कहा कि कई चुनौतियों के बावजूद, सार्क ने दक्षिण एशिया में ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने में सराहनीय योगदान दिया है. उन्होंने काबुल, ढाका और पठानकोट में हुए आतंकी हमलों का भी जिक्र किया. राजनाथ ने ये भी कहा कि आतंकवादियों का शहीदों के रूप में महिमामंडन या प्रशंसा नहीं की जानी चाहिए. आतंकवाद अच्छा या बुरा नहीं होता. आतंकवाद बस आतंकवाद होता है.

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