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लाहौर जेल में बंद कांस्टेबल की बेटी की गुहार, पिता की वतन वापसी कराएं गृह मंत्री

पुलिस कांस्टेबल सोहनलाल चौधरी दो साल पहले गलती से सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गए थे, जिसके बाद वो अब तक पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बंद हैं.

कांस्टेबल सोहनलाल चौधरी कांस्टेबल सोहनलाल चौधरी

गृह मंत्री राजनाथ सिंह एक दिवसीय सार्क के गृह मंत्री सम्मेलन में हिस्सा लेने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे हैं. ऐसे में जम्मू के सीमावर्ती इलाके आरएसपुरा के एक पुलिस कांस्टेबल के परिवार ने गृह मंत्री से लाहौर जेल में बंद सोहनलाल चौधरी की वापसी का मामला भी पाकिस्तान सरकार के सामने उठाने की गुहार लगाई है.

पुलिस कांस्टेबल सोहनलाल चौधरी दो साल पहले गलती से सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गए थे, जिसके बाद वो अब तक पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बंद हैं.

गेंहू की कटाई के दौरान पाकिस्तान पहुंच गए थे सोहनलाल
खुफिया एजेंसी का कहना है कि जम्मू के सीमावर्ती आरएसपुरा सेक्टर के गुलाबगढ़ गांव के सोहनलाल चौधरी जम्मू-कश्मीर पुलिस में पिछले 10-12 सालों से भर्ती थे. वे पिछले कुछ समय से मानसिक तौर पर बीमार थे. 11 मई 2014 को वह रणबीर सिंह पूरा सेक्टर की ऑक्टराई सीमा पर हुई तारबंदी के उस पार अपनी जमीन पर गेंहू की कटाई के लिए गए थे, लेकिन उनके वापस लौटने से पहले की बीएसएफ ने सीमा पर लगे गेट को बंद कर दिया. वहां की सरकार ने उन्हें जेल में डाल दिया. अब जब गृह मंत्री ने जम्मू का दौरा किया, तो कांस्टेबल की बेटी अंजलि चौधरी (12) ने उनसे गुहार लगाई है कि वह पाकिस्तान सरकार से उनके पिता को वतन वापस लाने के लिए पहल करें.

पुलिस ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी
सोहनलाल की पत्नी सुखविंदर कौर का कहना है कि परिवार ने उनकी कुछ दिनों तक खोजबीन की. बाद में पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई, लेकिन उनका कुछ पता न चल सका. कुछ समय बाद परिवार को यह पता चला कि 11 मई 2014 को वो गलती से सीमा पार करके पाकिस्तान चले गए थे, जिसके बाद उन्हें लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद कर दिया गया था.

परिवार ने की जेल में बंद कांस्टेबल की पहचान
सोहनलाल की पत्नी सुखविंदर कौर का दावा है कि एक साल पहले पाकिस्तान सरकार ने भारत सरकार को उनके पति के लाहौर जेल में बंद होने की खबर दी थी. इसके बाद परिवार ने लौहार के जेल में बंद कांस्टेबल की सोहनलाल के रूप में पहचान भी की. परिवार का दावा है कि सोहनलाल एक तो मानसिक रूप से अस्थिर हैं और गलती से पाकिस्तान पहुंचे थे. ऐसे में राजनाथ सिंह को उनका मामला भी पाकिस्तान में उठाना चाहिए, ताकि उनके परिवार का लंबा इंतजार खत्म हो सके.

पुलिस रिकॉर्ड में ड्यूटी से गैरहाजिर है कांस्टेबल
बता दें, पुलिस कांस्टेबल सोहन लाल चौधरी की दो बेटियां हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब है. पुलिस ने सोहनलाल की पत्नी को फिलहाल तीन हज़ार रुपये प्रति महीने की तनख्वाह पर स्पेशल पुलिस अफसर के पद पर नौकरी दी है, लेकिन कांस्टेबल को ड्यूटी से गैरहाजिर घोषित कर दिया है.

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