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कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हुए राहुल गांधी

गौरतलब है कि राहुल गांधी हाल ही में केरल के दौरे पर गए थे. यहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की थी. जिसके बाद अब वह कैलाश के लिए रवाना हुए.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फाइल फोटो) कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फाइल फोटो)

अपने आप को सार्वजनिक तौर पर कई बार शिवभक्त कह चुके कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हुए. राहुल गांधी चीन के रास्ते कैलाश मानसरोवर की यात्रा करेंगे. जिस दौरान राहुल गांधी यात्रा के लिए प्रस्थान कर रहे थे, तब उनकी माता और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी उनके आवास पर ही मौजूद थीं.

बताया जा रहा है कि राहुल गांधी पहले यहां से चीन के बीजिंग रवाना होंगे. इसके बाद वह बीजिंग से लहासा और फिर सागा जाएंगे. राहुल सागा में करीब एक या दो दिन तक रुकेंगे. जिसके बाद मानसरोवर की ओर बढ़ेंगे. बता दें कि मानसरोवर की ऊंचाई समुद्र तल से करीब 15,060 फीट तक है. राहुल गांधी वहां पर एक बेस कैंप में ही रुकेंगे.

बता दें कि गुजरात चुनाव के दौरान राहुल खुद को जनेऊधारी हिंदू, शिवभक्त बता चुके हैं. राहुल रुद्राक्ष की माला भी पहनते हैं, जो गुजरात मे प्रचार के आख़िरी दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में नज़र भी आई थी.

क्या था राहुल का पूरा बयान...

अप्रैल में दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की 'जन-आक्रोश रैली' राहुल गांधी ने कहा था, 'मैं दो-तीन दिन पहले कर्नाटक जा रहा था, मैं प्लेन में सवार था. प्लेन अचानक 8 हजार फीट नीचे आ गया. मैं अंदर से हिल गया और लगा कि अब गाड़ी गई. तभी मुझे कैलाश मानसरोवर याद आया. अब मैं आपसे 10 से 15 दिन के लिए छुट्टी चाहता हूं ताकि कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा सकूं.'

आपको बता दें कि कैलाश मानसरोवर तिब्बत में स्थित है. यहां जाने के दो रास्ते हैं. पहला उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से होकर जाया जाता है. इस यात्रा में 60-60 यात्रियों का 18 जत्था जाता है.

मानसरोवर यात्रा का दूसरा मार्ग सिक्किम के नाथुला दर्रे से होकर जाता है. इस मार्ग पर वाहन की सुविधा होने के कारण यह वरिष्ठ नागरिकों के लिए अनुकूल मानी जाती है. इस यात्रा की अवधि 21 दिन की होती है.

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