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केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह का प्रस्ताव मिलाः सोरेन

झारखंड की राजनीति को और पेचीदा बनाते हुए मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने दावा किया कि उनके पास केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह का प्रस्ताव है और वह इस पर विचार करेंगे. वहीं भाजपा ने कहा कि मौजूदा गतिरोध जल्द खत्म हो जाएगा.

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झारखंड की राजनीति को और पेचीदा बनाते हुए मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने दावा किया कि उनके पास केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह का प्रस्ताव है और वह इस पर विचार करेंगे. वहीं भाजपा ने कहा कि मौजूदा गतिरोध जल्द खत्म हो जाएगा.

केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह के लिए किसी प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर सोरेन ने संवाददाताओं से कहा, ‘हां, ऐसा प्रस्ताव है लेकिन जब मुझे महसूस होगा तब मैं इसे स्वीकार करूंगा.’ शनिवार को सोरेने ने कहा था कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के लिए सभी विकल्प खुले हैं और वह कांग्रेस के सम्पर्क में हैं. उन्होंने कहा कि वह झारखंड के मुख्यमंत्री बने रहेंगे और अपना कार्यकाल पूरा करेंगे.

दूसरी ओर, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और झारखंड के लिए पार्टी प्रभारी करणा शुक्ला ने कहा, ‘मैं केवल इतना कह सकती हूं कि अंतिम नतीजा जल्द सामने आएगा.’ यह पूछे जाने पर कि क्या नतीजा 25 मई को या इसके बाद आएगा, उन्होंने कोई जवाब देने से इंकार कर दिया. भाजपा ने दावा किया था कि झामुमो और उसके बीच सत्ता का हस्तांतरण 25 मई को होगा लेकिन सोरेन ने ऐसा कोई समझौता होने से इंकार किया था.

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झामुमो नेता सूरज मंडल बीते तीन दिन से सोरेन के साथ बोकारो में हैं. उन्होंने कहा कि झामुमो के आधा दर्जन से ज्यादा विधायक भाजपा को सत्ता सौंपने के खिलाफ हैं. मंडल ने कहा कि इन हालात में भाजपा यदि सत्ता में आती है तो सदन में कुछ भी हो सकता है.

उधर कांग्रेस अभी भी ‘वेट एंड वॉच’ की नीति पर चल रही है. कांग्रेस ने विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया है.

झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप कुमार बलमोचू ने कहा, ‘हम अभी भी स्थिति देख रहे हैं और इंतजार कर रहे हैं. झामुमो के सात-आठ विधायक कांग्रेस के सम्पर्क में हैं. यहां तक कि जनता दल (यू) के विधायक गोपाल कृष्ण पातर ने आज मुझसे फोन पर बात की है.’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में संविधान के अनुरप राज्यपाल के हस्तक्षेप की मांग करेगी.

ऑल झारखंड स्टुडेंट्स यूनियन के उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात पर विचार विमर्श के लिए पार्टी ने सोमवार को एक अहम बैठक बुलाई है.

साझेदारों के विरोधाभासी बयानों के संदर्भ में उन्होंने कहा, ‘सहयोगियों के बीच बातचीत की गंभीर कमी है.’

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