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BHU की सुरक्षा में बड़ी खामी, पर्याप्त सुरक्षाकर्मियों की कमी

मामले को शांत करने के लिए विश्वविद्यालय में लंबा अवकाश घोषित कर दिया गया है तथा सुरक्षा की दृष्टि से विद्यार्थियों को छात्रावास खाली करने के लिए कहा गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप के बाद मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

बीएचयू मेनगेट पर प्रदर्शन करते विद्यार्थी बीएचयू मेनगेट पर प्रदर्शन करते विद्यार्थी

देश के शीर्ष उच्च शैक्षणिक संस्थानों में शुमार बनारस हिंदू युनिवर्सिटी में छात्राओं के साथ छिड़े बवाल ने विश्वविद्यालय परिसर के अंदर सुरक्षा को लेकर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है. इस बीच बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि किस कदर BHU प्रशासन सुरक्षा को लेकर लापरवाह है.

BHU के विशाल परिसर के अंदर जहां 25000 अध्यापक और 40000 विद्यार्थी हैं, वहीं सुरक्षाकर्मियों की पर्याप्त संख्या तक नहीं है. खुद बीएचयू के सिक्योरिटी इंचार्ज कर्नल गोविंद और कर्नल दिनेश ने आजतक को बताई.

आजतक से खास बातचीत में उन्होंने कहा, "सुरक्षाकर्मियों की इतनी कमी है कि कई प्रॉक्टर्स तक को सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर तैनात किया गया है. जब उसकी पूर्ति हो जाएगी तो हमारे पास पर्याप्त मात्रा हो जाएगी पूरे कैंपस में."

बीएचयू सिक्योरिटी इंचार्ज्स ने कहा, "जिला प्रशासन ने जो बोला है उसको हम लागू करने की कोशिश करेंगे ताकि कोई गलतफहमी न हो कि कौन सी सिक्योरिटी एजेंसी है. देखिए हमारे सुरक्षाकर्मियों की यूनिफार्म बदलने के बात हो रही है तो यह हम जरूर करेंगे. पर एक बात मैं कहना चाहता हूं कि जब भी सिक्योरिटी गार्ड किसी को रोकने की कोशिश करते हैं तो उनको पूछा जाता है कि तुम कौन हो. ऐसे में अब यूनिफार्म बदल दिया जाएगा तो उन्हें तुरंत आइडेंटिफाई नहीं किया जा सकेगा और छात्र इनकी बात नहीं मानेंगे. इससे पुलिस को भी प्रॉब्लम होगी."

उन्होंने आगे कहा, "हमारी नई यूनिफॉर्म आने वाली है. जब तक नई यूनीफॉर्म नहीं आ जाती, सुरक्षाकर्मियों को सादे यूनिफार्म में रहने के लिए बोला गया है. सिक्योरिटी गार्ड हमारे बहुत ही शालीन हैं और यहां पर छात्र-छात्राओं को अपने बच्चों की तरह समझते हैं. इससे हले कभी ऐसा कोई वाकया नहीं हुआ. हमारे सुरक्षाकर्मियों ने कोई लाठीचार्ज नहीं किया. ऐसा कभी नहीं हुआ. उस दिन भी उनकी तरफ से लाठीचार्ज नहीं हुआ था."

बता दें कि छेड़छाड़ की घटना के बाद सुरक्षा की मांग कर रही छात्राएं गुरुवार से धरने पर बैठी हुई थीं. लेकिन शनिवार सुरक्षाकर्मियों द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के बाद विरोध-प्रदर्शन हिंसक हो उठा. अहिंसक आंदोलन कर रही छात्राओं पर इस दौरान कई बार लाठीचार्ज की गई और सुरक्षाकर्मियों ने छात्रावासों में घुस कर स्टूडेंट्स की पिटाई की.

मामले को शांत करने के लिए विश्वविद्यालय में लंबा अवकाश घोषित कर दिया गया है तथा सुरक्षा की दृष्टि से विद्यार्थियों को छात्रावास खाली करने के लिए कहा गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप के बाद मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

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