तेलंगाना में पशु चिकित्सक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसे जिंदा जला दिए जाने की घटना के बाद देश के कई हिस्सों में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. सोशल मीडिया से सड़क तक लोग गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी हैदराबाद में एक युवती और उत्तर प्रदेश के संभल में एक किशोरी के साथ बलात्कार एवं हत्या की निर्मम घटनाओं को लेकर आक्रोश प्रकट किया.
उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'हैदराबाद और संभल में बलात्कार एवं हत्या की घटनाओं से बहुत दुखी हूं. अपना आक्रोश प्रकट करने के लिए मेरे पास कोई शब्द नहीं है. एक समाज के तौर पर हमें ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बोलने से ज्यादा बहुत कुछ करना होगा.' उन्होंने लिखा, 'हमें बदलाव के लिए, हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने के लिए, रोजाना महिलाओं के साथ घिनौने तरीके से होने वाले क्रूरता को अस्वीकार करने के लिए अपनी मानसिकता को बदलना होगा.'
I have been so deeply disturbed by the savage rape and murder of the young veterinarian in Hyderabad and the teenage girl in Sambhal that no words are enough to express my outrage.
As a society, we have to do far more than just speak up when these horrific incidents take place.
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) November 30, 2019
Our mindsets have to be jolted into changing, into rejecting violence, into refusing to accept the abhorrent manner in which women are being brutalised on a daily basis.
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) November 30, 2019
प्रियंका गांधी के अलावा टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने भी रोष व्यक्त किया है. उन्होंने ट्वीट किया, 'हैदराबाद में जो भी हुआ, वह बेहद शर्मनाक है. अब सही वक्त आ गया है कि समाज को ऐसी दरिंदगी को पूरी तरह खत्म करने का बीड़ा उठाना चाहिए.'
What happened in Hyderabad is absolutely shameful.
It's high time we as a society take charge and put an end to these inhumane tragedies.
— Virat Kohli (@imVkohli) November 30, 2019
बता दें कि तेलंगाना में पशु चिकित्सक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसे जिंदा जला दिए जाने के आरोप में गिरफ्तार चार आरोपियों को शादनगर के मजिस्ट्रेट ने 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. मंडल कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने शादनगर पुलिस स्टेशन में आदेश पारित किया, क्योंकि महबूबनगर की फास्ट-ट्रैक अदालत में न्यायाधीश उपलब्ध नहीं थे और थाने के बाहर हालात तनावपूर्ण रहने के कारण अभियुक्तों को पेश नहीं किया जा सकता था.
आरोपी मोहम्मद आरिफ, चिंताकुंटा चेन्नाकेशवुलु, जोल्लु शिवा और जोल्लु नवीन को महबूबनगर जेल भेज दिया गया. इससे पहले एक सरकारी अस्पताल के तीन डॉक्टरों को भी पुलिस स्टेशन लाया गया. थाने के सामने आक्रोशित लोगों की भीड़ जमा थी, जो आरोपियों को मौत की सजा देने की मांग कर रहे थे.
अधिकारियों के बार-बार अनुरोध के बाद भी भीड़ शांत नहीं हुई, तब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लिया. मजिस्ट्रेट को पिछले दरवाजे से पुलिस स्टेशन लाया गया. आरोपियों को सार्वजनिक रूप से फांसी दिए जाने की मांग करते हुए लोग सुबह से ही पुलिस स्टेशन के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.
इस दौरान लोग 'हम न्याय चाहते हैं (वी वांट जस्टिस)' के नारे लगाते नजर आए. थाने के सामने प्रदर्शन कर रहे गुस्साए लोगों में महिलाएं व छात्र भी शामिल रहे, जो मांग कर रहे थे कि आरोपियों को बिना जांच और मुकदमे के तुरंत फांसी दी जाए. कुछ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इन अपराधियों का समाज में कोई स्थान नहीं है, इन्हें मार दिया जाना चाहिए.
पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी और हिंसा को रोकने के लिए थाने के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया. उल्लेखनीय है कि 25 वर्षीय पशु चिकित्सक युवती का बुधवार की रात हैदराबाद के बाहरी इलाके शमशाबाद में आउटर रिंग रोड पर एक टोल प्लाजा के पास दो ट्रक ड्राइवरों और दो सफाईकर्मियों ने कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया और इसके बाद उसे जिंदा जला डाला.
दुष्कर्म के बाद आरोपियों ने शादनगर शहर के पास एक पुलिया के नीचे पीड़िता के अधजले शव को ठिकाने लगाया. अगले दिन पीड़िता का झुलसा हुआ शव मिला. साइबराबाद पुलिस ने शुक्रवार रात चार आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की.
आरोपियों ने कथित रूप से टोल प्लाजा के पास खड़ी पीड़िता की स्कूटी के टायर की हवा निकाल दी थी, जिसके बाद उन्होंने उसे अपने झांसे में ले लिया. चारों आरोपी तेलंगाना के नारायणपेट जिले के रहने वाले हैं.