राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की पसंद वाले भ्रष्टाचार विरोधी बिल पर कड़ी आपत्ति जाहिर की है. सूत्रों के मुताबिक, प्रणब मुखर्जी भ्रष्टाचार विरोधी बिल को लेकर अध्यादेश का रास्ता अपनाए जाने के पक्ष में नहीं थे. इसी वजह से राहुल का यह प्लान कैबिनेट में नहीं आ सका.
सूत्रों ने 'आज तक' को बताया कि प्रणब मुखर्जी ने राहुल की पसंद वाले बिल के लिए पैरवी करने पहुंचे कैबिनेट मंत्रियों कपिल सिब्बल और सुशील कुमार शिंदे से साफ-साफ कह दिया कि इनकी ड्राफ्टिंग में कई गड़बड़ियां हैं. राष्ट्रपति ने कहा, 'यह आगे फंस जाएगा.' सूत्रों के मुताबिक प्रणब का जवाब सुनने के बाद केंद्रीय मंत्री बेहद शर्मिंदा हुए.
इस बिल का मूल ड्राफ्ट केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने तैयार किया था. अब कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति के पास दोबारा ले जाने से पहले इस बिल में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं. सूत्रों ने यह भी बताया कि अगर प्रणब मुखर्जी राजी होते हैं तो पीएम मनमोहन सिंह के म्ंयामार दौरे से लौटने और लोकसभा चुनाव के लिए नोटिफिकेशन जारी होने से पहले कैबिनेट की बैठक बुलाई जाएगी ताकि भ्रष्टाचार विरोधी बिल को अमली जामा पहनाने का रास्ता साफ हो सके.
गौरतलब है कि रविवार को कैबिनेट ने जाट आरक्षण और तेलंगाना बिल में संशोधनों को मंजूरी दे दी लेकिन राहुल गांधी ने जिस भ्रष्टाचार विरोधी बिल की पैरवी की थी, उस पर अध्यादेश लाए जाने से इनकार कर दिया.