प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने दूसरे कार्यकाल की पहली प्रगति मीटिंग की. इसमें उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि साल 2022 तक हर परिवार को घर देने की योजना के बीच जो भी रुकावटें आ रही हैं, उन्हें दूर किया जाए. इसके अलावा पीएम मोदी ने मॉनसून के मौसम में पानी बचाने के उपायों को भी तेज करने का फरमान दिया.
प्रधानमंत्री मोदी ने पहले कार्यकाल में प्रो एक्टिव गवर्नेंस ऐंड टाइमली इम्प्लिमेंटेशन यानी प्रगति मीटिंग की शुरुआत की थी. पिछले 5 वर्षों में 29 प्रगति मीटिंग हुईं. इनमें पीएम ने 12 लाख करोड़ रुपये के 257 प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की. प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि इस बैठक में सुगम भारत और आयुष्मान जैसी अहम योजनाओं की भी समीक्षा की गई.
फाइनेंशियल सर्विसेज डिपार्टमेंट से जुड़ी लोगों की शिकायतों के निपटारे की भी प्रधानमंत्री ने समीक्षा की. अधिकारियों ने पीएम मोदी को बताया कि करीब 35 लाख लोग हॉस्पिटल में एडमिट होने की सुविधा का फायदा उठा चुके हैं और 16 हजार अस्पताल इस स्कीम से जुड़े हैं. प्रगति बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे राज्यों से बातचीत की जाए तो स्कीम में बेहतर कार्यप्रणाली और उसमें सुधार में मदद कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि जिलों में योजना के प्रभाव और उसके फायदों की एक स्टडी की जानी चाहिए.Delhi: Prime Minister Narendra Modi held the first PRAGATI meeting of his second term, today. In the meeting PM strongly reiterated commitment for "Housing for All" by 2022, & reviewed the progress of flagship schemes Ayushman Bharat & Sugamya Bharat Abhiyan. pic.twitter.com/a649rBEutT
— ANI (@ANI) July 31, 2019
जल शक्ति पर फोकस करते हुए पीएम मोदी ने राज्यों से कहा कि वे मॉनसून के दौरान पानी बचाने की दिशा में ज्यादा से ज्यादा काम करें. बैठक के दौरान सड़क, रेलवे, इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की भी पीएम ने समीक्षा की. ये परियोजनाएं बिहार, यूपी, महाराष्ट्र, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और ओडिशा सहित कई राज्यों में फैली हुई हैं.