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तनाव का तापमान घटाने की कोशिश, LAC पर लद्दाख में गश्ती पर फिलहाल रोक

अभी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर दोनों पक्षों यानी भारत और चीन की सहमति से गश्ती नहीं हो रही है ताकि कोई तनाव पैदा न हो.

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कोई तनाव पैदा न हो इसलिए LAC पर गश्ती बंद है (फाइल फोटो-रॉयटर्स)
कोई तनाव पैदा न हो इसलिए LAC पर गश्ती बंद है (फाइल फोटो-रॉयटर्स)

  • एलएसी पर सत्यापन के बाद गश्ती शुरू होगी
  • दोनों देशों की सहमति से नहीं हो रही गश्ती

लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर स्थितियां सामान्य होने के बाद गश्ती शुरू होगी. बताया जा रहा है कि एलएसी पर संयुक्त रूप से कैम्पों के रीलोकेशन और 'विश्वास बहाली' को लेकर सत्यापन किए जाने और सभी चरणों के पूरा होने के बाद गश्ती शुरू होगी.

फिलहाल लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर दोनों पक्षों यानी भारत और चीन की सहमति से गश्ती नहीं हो रही है. गश्ती पर रोक इसलिए लगाकर रखी गई गई है कि मौजूदा हालात में कोई ऐसी घटना या हिंसक झड़प न हो जाए जिससे तनाव और बढ़ जाए.

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बता दें कि भारत और चीन के बीच बॉर्डर पर तनाव को कम किया जा रहा है. इस बीच भारत की ओर से हर परिस्थिति के लिए तैयारी की जा रही है. कुछ वक्त बाद ही तापमान में गिरावट आनी शुरू हो जाएगी, ऐसे में लद्दाख के पास ITBP के लिए इंटीग्रेटेड बॉर्डर आउट पोस्ट (BOP) तैयार की जा रही है. इसकी मदद से अगर तापमान बहुत अधिक गिर जाता है, तो जवानों को सामान्य तापमान मिल पाएगा.

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लद्दाख के पास पैंगौंग झील वाले इलाके में सामान्य तापमान शून्य से 40 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है. इसी को देखते हुए लद्दाख के लुकुंग इलाके में इंटीग्रेटेड BOP बनाई जा रही है. ITBP और NPCC इस प्रोजेक्ट को मिलकर पूरा कर रहे हैं. जिसके बाद इन आउटपोस्ट के अंदर जवानों को 22-28 डिग्री सेल्सियस तक तापमान मिल पाएगा, जिससे रुकने में कोई परेशानी ना हो.

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इस प्रोजेक्ट को लेकर ITBP ने बताया कि BOP के निर्माण का काम पूरा हो चुका है. तापमान नियंत्रण करने की व्यवस्था को ठीक किया जा रहा है. ITBP सूत्रों के मुताबिक, लुकुंग चौकी के भीतर 22-23 डिग्री तापमान बनाए रखना है जबकि यहां अभी 11-12 डिग्री तक तापमान बनाए रखने में कामयाबी मिली है. जिसको इस साल तक पूरा कर लिया जाएगा. इस BOP के बनने से ITBP के जवान हर मौसम में लद्दाख की अलग-अलग जगहों पर रह सकेंगे.

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