महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में गोवा-मुंबई हाइवे पर सावित्री नदी पर बना पुल के भारी बारिश में बहने की खबर पर बुधवार को लोकसभा में सवाल उठाया गया. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार इस आपदा से निपटने के लिए राज्य को हरसंभव मदद कर रही है. गृह मंत्रालय के मुताबिक आपदा में करीब 20 लोग लापता हैं. वहीं दो के शव बरामद किए गए हैं.
शिवसेना सांसद ने लोकसभा में उठाया मुद्दा
जानकारी के मुताबिक मुंबई से तकरीबन 175 किलोमीटर दूर पर सावित्री नदी पर बना पुल पानी में बह गया. बहे पुल के साथ स्टेट ट्रांसपोर्ट की दो बस, दो चार पहिया और एक दोपहिया वाहन लापता है. इन्हें खोजने के लिए एनडीआरएफ की टीम लगी है. लोकसभा में शिवसेना सांसद विनायत राउत ने इस मुद्दे को उठाया और सरकार की ओर से किए जा रहे राहत और बचाव कार्य की जानकारी मांगी.
पुल बहने के बाद हरकत में आई सरकार
मामले पर सदन में जवाब दिया कि सावित्री नदी पर बना पुल के बह जाने की घटना गंभीर है. बीती रात म्यहर कस्बे के पास नदी की तेज धारा में यह पुल बह गया. इसमें दो यात्री बसें भी बह गई. उन्होंने कहा कि सरकार ने इस घटना के बाद राहत और बचाव की दिशा में कुछ प्रभावी कदम उठाए हैं.
केंद्र कर रहा है हरसंभव मदद
उन्होंने कहा कि हमने एनडीआरएफ की चार टीमें भेजी है. इनमें 150 सदस्य हैं. इसके साथ चार नाव और गहरे पानी के तैराक भी शामिल हैं. इसके साथ दो हेलीकाप्टरों को भी मौके पर भेजा गया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारी भी पहुंच चुके हैं.
एनडीआरएफ ने शुरू किया बचाव अभियान
इधर, एनडीआरएफ के डीजी ओ पी शर्मा ने कहा कि मौके पर इस समय रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. एनडीआरएफ की टीम वहां पर मौजूद है. सावित्री नदी उफान पर है. हमारे गोताखोर वहां पर मौजूद हैं. वो गहरे पानी में जाकर बस और दूसरी गाड़ियों के साथ जो लोग लापता हैं, उन्हें ढूंढ रहे हैं.
गाजियाबाद से गई गोताखोरों की नई टीम
उन्होंने बताया कि गाजियाबाद से भी अलग से गोताखोरों (डाइवर्स) की एक टीम भेजा जा रहा है. बारिश के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में थोड़ी मुश्किल आ रही है. पर इस मुहिम को बड़े स्तर पर चला जा रहा है.