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पाकिस्तान ने कृष्णा की आतंकी हमलों पर टिप्पणी को खारिज किया

पाकिस्तान ने शनिवार को विदेश मंत्री एसएम कृष्णा की टिप्पणी को ‘अपरिपक्व’ बताकर खारिज करते हुए कहा कि वह ‘किसी धमकी से नहीं डरता.’ खबरों के अनुसार कृष्णा ने कहा था कि भविष्य में कोई भी आतंकी हमला दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित करेगा.

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पाकिस्तान ने शनिवार को विदेश मंत्री एसएम कृष्णा की टिप्पणी को ‘अपरिपक्व’ बताकर खारिज करते हुए कहा कि वह ‘किसी धमकी से नहीं डरता.’ खबरों के अनुसार कृष्णा ने कहा था कि भविष्य में कोई भी आतंकी हमला दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित करेगा.

कृष्णा की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने कहा कि यह मंत्री के अपने विचार हैं और आतंकवाद से निपटने में कोई भी देश पाकिस्तान जितना ‘गंभीर’ नहीं है, क्योंकि पाकिस्तान इसका ‘वास्तविक शिकार’ है. सरकारी संवाद समिति ने बासित के हवाले से कहा कि पाकिस्तान किसी धमकी से नहीं डरेगा. बासित ने कृष्णा के वक्तव्य को ‘एक अपरिपक्व वक्तव्य’ की संज्ञा भी दी.

पत्रिका ‘इंडिया टुडे’ में कृष्णा के वक्तव्य को प्रकाशित करते हुए कहा गया था कि मुंबई हमलों के बाद भारत के धर्य और राजकीय कुशलता की प्रशंसा की जा रही है, ‘‘लेकिन दोबारा ऐसा हमला होने पर द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर परिणाम दिखेंगे.’’ इसके पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा था कि इस्लामाबाद भारत में दोबारा ऐसा हमला न होने की गारंटी नहीं दे सकता, जिसके जवाब में कृष्णा ने यह वक्तव्य दिया था.

बासित ने दावा किया कि पाकिस्तान के पूरे सहयोग के बाद भी भारत की प्रतिक्रिया ‘सुस्त’ और ‘नकारात्मक’ है. उन्होंने कहा ‘‘दोनों देशों के बीच गतिरोध से केवल असामाजिक तत्वों का ही फायदा होगा. उन्होंने कहा कि दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं और ‘‘युद्ध के बारे में सोचना आत्महत्या करने जैसा है.’’ बासित ने कहा कि पाकिस्तान अपनी धरती की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है और देश की ‘परमाणु क्षमता पूरी तरह विश्वसनीय’ है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच और तनाव नहीं चाहता. बासित ने कहा कि क्षेत्र में शांति के लिए भारत को पाकिस्तान की ओर से गए शांति वार्ता के प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सभी मुद्दों के निपटारे के लिए लंबित समग्र शांति वार्ता को दोबारा शुरू करना ही एकमात्र रास्ता है. बासित ने कहा कि आतंकवाद एक वैश्विक गतिविधि है और ‘‘मुंबई हादसा तब तक नहीं हो सकता था, जब तक भारत में बैठे तत्वों ने उसे संभव बनाने में मदद नहीं की हो.’’ प्रवक्ता ने कहा कि भारत को वास्तविकता समझनी चाहिए और ऐसे वक्तव्यों से बचना चाहिए, जो दोनों देशों के बीच तनाव पैदा करें.

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