पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि मुंबई पर हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की तरफ से भारत के साथ वार्ता के लिए चीन को खुली छूट दी थी.
चीनी दूतावास में बुधवार की रात एक स्वागत समारोह में कुरैशी ने कहा कि उन्होंने चीन के विशेष दूत हा याफेई से कहा था कि आप दिल्ली जाइए. हमारी तरफ से बात करने के लिये आपको खुली छूट है. विदेश मंत्री ने कहा कि चीन पाकिस्तान का अच्छा दोस्त है. चीन भारत से जो भी वार्ता करेगा पाकिस्तान उसे मान्यता देगा.
चीन के दूत ने 29 दिसंबर को पाकिस्तान की यात्रा की थी और देश के नेताओं के साथ भेंट के दौरान उन्होंने संकेत दिए थे कि क्षेत्र में स्थिरता एवं शांति को बढ़ावा देने के लिए बीजिंग इस्लामाबाद के साथ काम करता रहेगा.
याफेई की यात्रा के तुरंत बाद पाकिस्तान ने तनाव दूर करने के लिए दो प्रस्ताव रखे थे. इसने भारत से अग्रिम हवाई ठिकानों को हटाने एवं सेना को शांति के समय वाले स्थानों पर भेजने की मांग की. चीनी दूत 5 जनवरी को नई दिल्ली की यात्रा पर आए थे. इस यात्रा के दौरान चीनी दूत ने भारत से पाकिस्तान के साथ बातचीत करने का आग्रह भी किया था.
कुरैशी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान अपनी विदेश नीति में चीन के साथ संबंधों को सबसे महत्वपूर्ण मानता है. उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर हममें एक-दूसरे पर पूर्ण विश्वास हैं.