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Opinion: उलटा चोर कोतवाल को डांटे...

जम्मू के कई इलाकों में भारी गोलाबारी कर रहा है पाकिस्तान. हर साल इस समय आतंकवादियों को भारत की सीमा में घुसाना उनका सबसे बड़ा काम है. इसके लिए आईएसआई पाकिस्तानी फौजियों की मदद लेती है. वे कई जगहों पर धुआंधार गोलीबारी करते हैं ताकि उधर से घुसपैठिये इसका लाभ उठाकर भारत की सीमा में घुस जाएं.

जम्मू में भारी गोलाबारी कर रहा है पाकिस्तान जम्मू में भारी गोलाबारी कर रहा है पाकिस्तान

पाकिस्तान की एक खासियत है. यह जब गलती करता है या जानबूझकर कोई ऐसा-वैसा कदम उठाता है तो उसके लिए भारत को जिम्मेदार ठहरा देता है. वहां के हुक्मरानों और फौजियों की यह आदत सी हो गई है कि जब देश में कुछ गड़बड़ हो या आतंकवादियों का मसला हो तो वे तुरंत भारत की ओर उंगली उठा देते हैं. अब तो पाकिस्तान के राजनीतिक हालात इतने बुरे हो गए हैं कि नागरिक सरकार की कोई पूछ नहीं रह गई है. विरोधी दलों ने नवाज शरीफ सरकार पर इतना दबाव डाल दिया है कि उनके सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है. वह किसी तरह से बचे हुए हैं. लेकिन अंदरूनी दबाव और असंतोष ने उनकी ताकत कम कर दी है. वहां की फौज अब उनकी बातें मानने से भी आना-कानी कर रही है. उनकी कुख्यात जासूसी एजेंसी आईएसआई अन्य मोर्चों पर तो विफल हो गई है लेकिन भारत के मोर्चे पर लगातार कुछ न कुछ करती रह रही है.

जाहिर है ऐसे कमजोर पीएम का पद पर बने रहना उनके लिए सुनहरा मौका है. इस दौरान वे जो चाहेंगे करेंगे. ताजा मामला है जम्मू के कई इलाकों में भारी गोलाबारी करना. हर साल इस समय आतंकवादियों को भारत की सीमा में घुसाना उनका सबसे बड़ा काम है. इसके लिए आईएसआई पाकिस्तानी फौजियों की मदद लेती है. वे कई जगहों पर धुआंधार गोलीबारी करते हैं ताकि उधर से घुसपैठिये इसका लाभ उठाकर भारत की सीमा में घुस जाएं. यह खेल हर साल होता है और पाकिस्तानी फौज या उनके रेंजर गोलियां दागते हैं. इनमें कई नागरिक हर साल मरते हैं और करोड़ों की संपत्ति भी बर्बाद होती है. हैरानी की बात यह है कि पाकिस्तानी फौज यह बात अच्छी तरह से जानती है कि बाद में उसकी पिटाई हो जाएगी और खासा नुकसान होगा लेकिन उन्हें यह करना पड़ता है क्योंकि ऑर्डर ऊपर से आते हैं.

इस समय पाकिस्तान के पास आतंकियों की बड़ी खेप आई है. ये हैं पंजाबी तालिबानी जो पाकिस्तानी तालिबानियों से बिल्कुल भिन्न हैं. पाकिस्तानी तालिबानी अपनी सरकार से लड़ रहे हैं और सीरिया तथा इराक की ओर जा भी रहे हैं. लेकिन ये तालिबानी आईएसआई के टट्टू बन गए हैं और वह इन्हें भारत में भेजकर गड़बड़ी फैलाना चाहता है. ईद का दिन उन्होंने गोलीबारी के लिए इसलिए चुना कि उस दिन किसी को पाकिस्तान पर शक भी नहीं होगा. आरोप भारत पर लगेगा. और ठीक यही हुआ पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने भारत से अपना कड़ा विरोध जताया. उन्होंने सीमा पर फायरिंग का दोष भारत पर डाल दिया. वहां की अज्ञानी जनता के लिए इतना ही काफी है.

पाकिस्तान को अगर लगता है कि वह इस तरह की टुच्ची हरकतों से और बयानों से भारत के खिलाफ एक माहौल बना देगा तो वह गलतफहमी में है. दुनिया में इस समय भारत का सिक्का चलता है न कि पाकिस्तान का जिसे टेरर कंट्री कहा जाता है. उसके चहेते देशों ने उससे मुंह मोड़ लिया है. लेकिन उससे वहां की फौज और आईएसआई को क्या फर्क पड़ता है? वे तो देश में अपने को मजबूत करने में लगे हुए हैं और कट्टरपंथियों को खुश करने में लगे हुए हैं. उनकी मंशा साफ है. सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखने की.

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