नए साल का आगाज होते ही दिल्ली में मौसम का मिजाज बदल चुका है. पूरा दिसंबर बीत गया लेकिन सर्दी, कोहरे और ठंड से बचकर दिल्ली ने 2018 में कदम रख दिए. लेकिन साल की शुरुआत होते ही ठंड अपने तेवर के साथ आई. तापमान में गिरावट के साथ ही कोहरे का कहर पूरे एनसीआर में नज़र आ रहा है. पालम एयरपोर्ट पर सुबह 5.30 बजे 9.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया.
मौसम के इस कहर ने ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. नई दिल्ली में बुधवार सुबह 21 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि 59 ट्रेनें कई घंटे की देरी से चल रही थीं. जबकि 13 ट्रेनों का वक्त दोबारा तय किया गया. 2 जनवरी को 6 उड़ानें भी कैंसिल की गईं और 60 से ज्यादा लेट हुईं, आज भी कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं.
18 flights delayed at Delhi airport due to prevailing conditions in the national capital.
— ANI (@ANI)
नए साल के पहले दिन से ही दिल्ली ठिठुर रही है. पारे में एकाएक गिरावट होने की वजह से मुसीबतें बढ़ गई हैं. इसका असर राजधानी के रैन बसेरों और एम्स के आसपास भी देखी जा सकती है. देश के दूसरे हिस्सों से इलाज कराने एम्स पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को बेबस हो कर रात गुजारनी पड़ रही है. दिल्ली में कोहरे के साथ-साथ प्रदूषण के स्तर में भी इजाफा हो गया. पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर सामान्य से 10 गुना बढ़ा हुआ है.

दिल्ली-एनसीआर के अलावा राजस्थान में भी पारा औंधे मुंह गिरा है. फिलहाल पारा जीरो डिग्री से नीचे जाकर माइनस 0.8 डिग्री के आसपास रुका है. यानि कड़ाके की इस ठंड में जनजीवन पर असर साफ दिख रहा है. खेत खलिहान, खेतिहर किसान.. हर कोई बेबस है इस ठंड के आगे. फसल की सुरक्षा की चिंता सता रही है लिहाजा ठंड की मार झेल कर भी खेतों में चारपाई पर रात काट रहे हैं, फसलों पर बर्फ जैसी परत इस बात की गवाह है कि ठंड ने कैसे जिंदगी को प्रभावित किया है.
यूपी, पंजाब, राजस्थान या उत्तर भारत का कोई दूसरा राज्य, हर हिस्से में कोहरे ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है. और फिलहाल इसमें राहत की कोई उम्मीद नहीं नजर आ रही है.