सीतामढ़ी जिले में नेपाल सीमा पर स्थित जानकीनगर गांव निवासी लगन राय के शरीर पर अनगिनत चोट के निशान नेपाल पुलिस की बर्बरता की कहानी चीख-चीख कर कह रहे हैं. बिहार के सीतामढ़ी जिले में स्थित भारत नेपाल सीमा पर शुक्रवार को नेपाल पुलिस की तरफ से की गई फायरिंग में एक तरफ जहां एक युवक की मौत हो गई, वहीं 2 लोग घायल हो गए.
हद तो तब हो गई जब नेपाल पुलिस ने इस घटना को अंजाम देने के बाद भारतीय सीमा में घुसकर 55 वर्षीय लगन राय को बंधक बना लिया और उसे अपनी सीमा के अंदर ले गए. भारत सरकार की ओर से जब नेपाल सरकार पर दबाव बनाया गया तो आखिरकार शनिवार सुबह नेपाल पुलिस ने लगन राय को रिहा कर दिया.
दरअसल, नेपाल पुलिस की तरफ से जो फायरिंग की घटना हुई उसकी शुरुआत लगन राय से ही होती है. लगन राय के बेटे की शादी नेपाल की रहने वाली एक लड़की से हुई है जिसका घर भारत-नेपाल सीमा पर ही नेपाल की तरफ नारायणपुर गांव में है.
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बता दें, नेपाल सीमा पर ज्यादातर नेपाल की रहने वाली लड़कियों की शादी सीमा पर रहने वाले भारत के युवकों से होती है. इसी क्रम में शुक्रवार को अपने संबंधी से मुलाकात करने के लिए लगन राय सीमा पर पहुंचा था. इसी दौरान अपने रिश्तेदार से मुलाकात करने के लिए नेपाल पुलिस ने लगन राय से ₹2000 की मांग की. पैसा नहीं देने की वजह से नेपाल पुलिस उग्र हो गई और लगन राय की मौके पर ही पिटाई की.
नेपाल पुलिस की तरफ से 15 से 20 राउंड गोली फायर की गई
इसके बाद सीमा पर अचानक से काफी भीड़ इकट्ठा हो गई जिसकी वजह से नेपाल पुलिस ने फायरिंग कर दी. बताया जा रहा है कि नेपाल पुलिस की तरफ से 15 से 20 राउंड गोली फायरिंग की गई. इसी दौरान नेपाल पुलिस ने भारतीय सीमा में घुसकर बंदूक के बट से लगन राय को मारा और उसके बाद उसे बंधक बनाकर अपनी सीमा के अंदर ले गए जहां पर 20 घंटे तक उसे बंधक बनाकर रखा गया.
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सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने भी इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करते हुए नेपाल सरकार पर दबाव बनाया जिसके बाद शनिवार सुबह 4 बजे नेपाल पुलिस ने लगन राय को रिहा कर दिया. नेपाल पुलिस की बर्बरता की कहानी सुनाते हुए लगन राय की रूह कांप उठती है.
लगन राय ने कहा, “नेपाल पुलिस ने मुझे बहुत मारा. मुझे यह कुबूल करने के लिए कहा कि वह मानव तस्करी गिरोह का हिस्सा है और नेपाल से लोगों को तस्करी करके भारत सीमा में ले जाना चाह रहा था. मैंने जब ऐसा कहने से इनकार कर दिया तो उन लोगों ने मुझे बहुत पीटा.” लगन राय के शरीर पर चोट के निशान नेपाल पुलिस की बर्बरता की कहानी कह रहे हैं.