दिल्ली गैंगरेप मामले के बाद कोर्ट का एक और फैसला नजीर बन गया है. मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में नाबालिग से रेप और हत्या के मामले में सात महीने के अंदर गुनहगार को फांसी की सजा सुनाई गई है.
26 फरवरी 2013 को मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर के करेली में 10 साल की एक मासूम घर के बाहर खेल रही थी, तभी उसका मौसा अरविंद उर्फ छोटू ठाकुर उसे बहला फुसलाकर ले गया और खेत में ले जाकर रेप करने के बाद उसकी हत्या कर दी.
घटना के 15 दिनों के भीतर ही चार्जशीट दाखिल की गई और 30 सितंबर 2013 को दोषी को फांसी की सजा सुना दी गई.
सेशन जज आरकेएस गौतम ने अपने आदेश में निर्दोष असहाय बच्ची के साथ हुए अपराध को क्रूर, पैशाचिक और भयंकर बताते हुए मामले को 'रेयर ऑफ द रेयरेस्ट' माना और दोषी को फांसी की सजा सुनाई.
हालांकि, बचाव पक्ष के वकील का कहना है कि वे फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे. लेकिन, केस की सबसे खास बात है इसको लेकर पुलिस की गंभीरता और कोर्ट की तेज कार्रवाई. देश के इतिहास में जब भी रेप जैसी घिनौनी वारदात में इंसाफ का जिक्र होगा, नरसिंहपुर का नाम उसमें जरूर शामिल होगा.