प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के सिंगापुर दौरे पर हैं. दौरे के दूसरे दिन गुरुवार को पीएम मोदी आसियान-भारत इनफॉर्मल ब्रेकफास्ट समिट में शामिल हुए. इसके बाद ईस्ट एशिया समिट में भी हिस्सा लेंगे. इससे पहले पीएम मोदी ने भारत-सिंगापुर हैकेथॉन 2018 के विजेताओं को पुरस्कार भी दिया.
Singapore: Prime Minister Narendra Modi met & felicitated the winning teams of Singapore-India Hackathon.
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यह 40 टीमों की एक प्रतियोगिता थी. बता दें कि 31 मई से 2 जून के सिंगापुर के अपने आधिकारिक दौरे के दौरान मोदी ने अपने सिंगापुरी समकक्ष ली सीन लूंग के सामने प्रस्ताव रखा था कि भारत और सिंगापुर को एक संयुक्त हैकेथॉन का आयोजन करना चाहिए. ली ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया था.
सिंगापुर ने इस हैकेथॉन के आयोजन का काम नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (एनटीयू) और एनटीयूटिव को सौंपा था. भारत ने इसकी जिम्मेदारी ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) को दी थी. सिंगापुर में भारतीय उच्चायोग ने सिंगापुर के शिक्षा और विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर इस कार्यक्रम को संभव बनाया.
दोनों देशों से 20-20 टीमों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया. इन टीमों में यूनिवर्सिटी और कॉलेज के छात्र शामिल थे जिन्हें देश भर से चुना गया. इन छात्रों ने हैकेथॉन में हिस्सा लिया.
बुधवार को प्रधानमंत्री ने फिनटेक फेस्टिवल में की-नोट भाषण भी दिया. प्रधानमंत्री मंगलवार देर रात को ही सिंगापुर रवाना हुए थे, सिंगापुर पहुंच कर उनका वहां जोरदार स्वागत हुआ.
फिनटेक फेस्टिवल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के युवाओं ने आज दुनिया को अपनी तकनीक की शक्ति दिखाई है, ये इवेंट इसी शक्ति को दिखाता है. मैं अपने देश का पहला प्रधानमंत्री हूं, जिसे यहां की-नोट भाषण देने का मौका मिला है. यहां से ही हमने रूपे कार्ड की शुरुआत की थी.
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया तकनीक के जरिए काफी जल्दी बदल रही है. उन्होंने कहा कि आज सरकार चलाने का तरीका बदल रहा है, गवर्नेंस में अब तकनीक हावी हो रही है. 2014 में जब हमारी सरकार आई तो हमने हर भारतीय को तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा.