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जम्मू-कश्मीर-असम के किसानों को राहत, PM किसान सम्मान की राशि मिलने में हुई आसानी

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, असम और मेघालय के किसानों को केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक आधार सीडिंग से छूट दे रखी थी. 1 अप्रैल 2020 से छूट की ये सीमा खत्म हो रही थी. अगर सरकार छूट की इस सीमा को नहीं बढ़ाती तो इन किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की नई किश्त नहीं मिल पाती.

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चंडीगढ़ के किनारे गेहूं की फसल काटता किसान (फोटो-पीटीआई)
चंडीगढ़ के किनारे गेहूं की फसल काटता किसान (फोटो-पीटीआई)

  • मोदी कैबिनेट ने लिया यह अहम फैसला
  • आधार सीडिंग की समय सीमा बढ़ाई गई
  • किसानों को मदद मिलने में होगी आसानी

कोरोना संकट के दौरान केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, असम और मेघालय के किसानों को राहत दी है. अब इन केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि अगले एक साल तक बिना आधार सीडिंग के भी मिलती रहेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में ये फैसला लिया गया.

इन केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों में किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत हर साल 6000 रुपये पाने के लिए अपने बैंक खाता नंबर, आधार नंबर, खेत का खसरा नंबर समेत अन्य जानकारियां सरकारी अधिकारियों को देनी पड़ती हैं. इसके बिना किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलता है.

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कैबिनेट ने बढ़ाई आधार सीडिंग की सीमा

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, असम और मेघालय के किसानों को केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक आधार सीडिंग से छूट दे रखी थी. 1 अप्रैल 2020 से छूट की ये सीमा खत्म हो रही थी. अगर सरकार छूट की इस सीमा को नहीं बढ़ाती तो इन किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की नई किश्त नहीं मिल पाती. इसलिए कैबिनेट ने इन राज्यों के किसानों के लिए आधार सीडिंग की सीमा को 1 अप्रैल 2020 से एक साल तक के लिए बढ़ा दिया है.

पीएम मोदी ने लागू की थी योजना

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 24 फरवरी को यह योजना लागू की थी. इसके तहत भारत के किसानों को बीज, खाद आदि खरीदने में केंद्र सरकार सहायता करती है.

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इस स्कीम के तहत देश के लगभग 14.5 करोड़ किसानों को हर साल दो-दो हजार की 3 किश्तें मिलती हैं. साल में हर लाभार्थी के खाते में 6 हजार रुपये सरकार द्वारा उनके बैंक खातें में सीधे ट्रांसफर किए जाते हैं.

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