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कोई BJP नेता उद्धव ठाकरे को 'शोले' का असरानी बताए, हम बर्दाश्त नहीं करेंगे: शि‍वसेना

शिवसेना ने मंगलवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का मजाक उड़ाने वाले पोस्टर चस्पां किए और पार्टी की शहर इकाई के प्रमुख आशीष शेलार का दक्षिण मुंबई में पुतला फूंका.

शि‍वसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह शि‍वसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह

महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के बीच पोस्टर वार अब मजाक की हद से आगे बढ़कर जुबानी जंग तक पहुंच गया है. बुधवार को शिवसेना ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि किसी बीजेपी नेता ने उनके प्रमुख उद्धव ठाकरे की तुलना फिल्म 'शोले' के जेलर से की है और पार्टी इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी.

इससे पहले शिवसेना ने मंगलवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का मजाक उड़ाने वाले पोस्टर चस्पां किए और पार्टी की शहर इकाई के प्रमुख आशीष शेलार का दक्षिण मुंबई में पुतला फूंका. पार्टी चीफ के बदले पार्टी चीफ की इस नीति के कारण सत्तारूढ़ गठबंधन के दोनों सहयोगी दलों के बीच की तल्खी और बढ़ गई है.

हालांकि इस ओर केंद्र में सत्तासीन बीजेपी ने भी चेताया है कि यदि शिवसेना नेतृत्व अपने कार्यकर्ताओं पर लगाम कसने में विफल रहता है तो वह माकूल जवाब देने में सक्षम है.

भंडारी के लेख से शुरू हुआ पूरा विवाद
दरअसल, यह पूरा माजरा बीजेपी के प्रकाशन ‘मनोगत’ में पार्टी के मुख्य प्रवक्ता माधव भंडारी के लेख से शुरू हुआ. आलेख में भंडारी ने शिवसेना को सत्ता से अलग होने की चुनौती दी थी और पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की तुलना ‘शोले’ में हास्य कलाकार असरानी की जेलर वाली भूमिका से की थी.

इस तुलना से बौखलाए शि‍वसेना कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को शहर में ऐसे पोस्टर चस्पां किए, जिसमें अमित शाह और माधव भंडारी 'शोले' के किरदारों के परिधान में नजर आ रहे हैं. इसमें अमित शाह को मुख्य विलेन गब्बर सिंह के रूप में दिखाया गया.

पुतला दहन को लेकर पहले भी रही है नाराजगी
शि‍वसेना ने इसके अलावा बीजेपी शहर ईकाई के प्रमुख आशीष शेलार का पुतला भी दहन किया गया. जबकि कुछ दिनों पहले ही बीजेपी ने शिवसेना को पार्टी नेताओं के पुतला दहन के खिलाफ चेताया था.

'उकसावे के बावजूद शांत रही है बीजेपी'
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य बीजेपी के सचिव और विधान पाषर्द सुजीत सिंह ठाकुर ने कहा, 'पिछले कुछ दिनों में शिवसेना कार्यकर्ताओं के लगातार उकसावे के बावजूद बीजेपी शांत रही है. अगर कोई इसका दूसरा अर्थ निकाल रहे हैं तो उन्हें स्पष्ट रूप से यह समझना चाहिए कि बीजेपी माकूल जवाब देने के लिए सक्षम है.'

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