केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार रिटायर हो चुके ब्यूरोक्रेट्स को फिर से नियुक्त करने की योजना बना रही है. सरकार ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि सेवानिवृत्त नौकरशाहों को विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कंस्लटेंट यानी परामर्शदाताओं के तौर पर नियुक्त करेगी. इसके लिए जल्द ही दो समितियों का गठन भी होगा.
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि नौकरशाह और राजनेता लोकतंत्र के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं. नौकरशाह शासन का महत्वपूर्ण औजार होते हैं और इसलिए कई बार सेवानिवृत्त नौकरशाहों की नियुक्ति जरूरी होती है. सिंह ने कहा, 'हम एक समिति का गठन करने की योजना बना रहे हैं, जिसमें संबंधित मंत्रालयों या विभागों के प्रतिनिधि और कार्मिक विभाग के भी प्रतिनिधि होंगे.'
कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में एक और समिति
सिंह ने प्रश्नकाल में बताया कि अगर नियुक्त दो साल से अधिक समय के लिए की जाती है और वेतन 50,000 रुपये से अधिक होगा तो कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में एक और समिति बनाई जाएगी, जो सेवानिवृत्त नौकरशाहों की नियुक्ति के ऐसे अन्य किसी प्रस्ताव पर विचार करेगी. उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारियों की परामर्शदाता के तौर पर नियुक्ति करते समय सरकार के प्रयास हमेशा उद्देश्यपरक होते हैं व्यक्तिपरक नहीं.