scorecardresearch
 

मोदी सरकार का यू-टर्न, पासपोर्ट के रंग को बदलने के फैसले को लिया वापस

मोदी सरकार ने पासपोर्ट के कलर को नीले से बदलकर नारंगी करने और पासपोर्ट के आखरी पेज को प्रिंट नहीं करने के फैसले से यू-टर्न ले लिया है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की अध्यक्षता में हुई बैठक में ये फैसले लिए गए.

Advertisement
X
फाइल फोटो
फाइल फोटो

मोदी सरकार ने पासपोर्ट के कलर को नीले से बदलकर नारंगी करने और पासपोर्ट के आखरी पेज को प्रिंट नहीं करने के फैसले से यू-टर्न ले लिया है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की अध्यक्षता में हुई बैठक में ये फैसले लिए गए. 29 जनवरी 2018 को हुई इस बैठक के दौरान विदेश राज्यमंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह भी मौजूद रहे. विदेश मंत्रालय ने काफी विरोध के बाद इन दोनों फैसले को पलटा है.

इसका विरोध करने वाले लोगों का कहना था कि नारंगी रंग का पासपोर्ट जारी कर सरकार सामाजिक और आर्थि‍क आधार पर भेदभाव कर रही है. खासकर खाड़ी देशों में काम के लिए जाने वाले भारतीय नागरिकों को सेकेंड क्लास सिटिजन के तौर पर देखा जाएगा. दरअसल, विदेश मंत्रालय ने एक कमेटी का सुझाव का मानकर पासपोर्ट का रंग बदलने और आखिरी पेज को प्रिंट नहीं करने के फैसले लिए थे.

Advertisement

इस तीन सदस्यीय कमेटी में विदेश मंत्रालय के अलावा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल थे. इसमें कहा गया था कि ऐसी व्यवस्था हो, जहां माता या बच्चों को पासपोर्ट पर पिता का नाम लिखने के लिए बाध्य न किया जाए. सिंगल पैरेंट या गोद लिए हुए बच्चों को भी ऐसा न करना पड़े. मालूम हो कि पासपोर्ट के आखिरी पेज पर पासपोर्ट होल्डर के पिता का नाम, माता या पत्नी का नाम, पता, इमिग्रेशन चेक रिक्वायर्ड (ECR) की जानकारी होती है.

इसके साथ ही पुराने पासपोर्ट का नंबर और जहां से जारी हुआ है, उस स्थान का नाम होता है. पासपोर्ट के आखिरी पन्ना को प्रिंट नहीं करने के फैसले से यू-टर्न लेने की वजह से अब ECR के दायरे में आने वाले लोगों को नारंगी रंग के कवर वाला पासपोर्ट नहीं बनवाना पड़ेगा.

कांग्रेस ने पासपोर्ट के रंग को बदलने के फैसला का किया था विरोध

कांग्रेस ने पासपोर्ट के रंग को बदलने के मोदी सरकार के फैसले का कड़ा विरोध किया था. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस फैसले को 'पक्षपातपूर्ण मानसिकता' वाला बताया था. पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि इस कदम ने बीजेपी के 'भगवा प्रेम' को उजागर कर दिया है और उन्होंने राहुल के भेदभाव वाले आरोप को दोहराया. तेल समृद्ध अरब के खाड़ी देशों को जाने वाले प्रवासी श्रमिक वर्ग के लिए आव्रजन मंजूरी आवश्यक होती है. केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने इस फैसले की तीखी आलोचना करते हुए कहा था कि नारंगी पासपोर्टधारक कामगारों के साथ उनके मेजबान हिकारत से पेश' आएंगे.

Advertisement
Advertisement