भारत के कई बैंकों का कर्ज चुकाए बिना विदेश जा चुके किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक का पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है. भारत के विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट एक्ट, 1967 की धाराओं 10(3)(c) और 10(3)(h) के तहत ये कार्रवाई की है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्विटर पर इसकी जानकारी दी है.
After having considered replies by , MEA revokes his passport under S.10(3)(c) & (h) of Passports Act
— Vikas Swarup (@MEAIndia)
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से जारी किए गए नोटिस पर के जवाब के बाद ये कार्रवाई की गई है. पिछले दिनों पीएमएलए एक्ट 2002 के तहत उनके खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट भी जारी किया गया था.
अब विदेश मंत्रालय माल्या को भारत लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा.
इंटरपोल से संपर्क करेगा ईडी
सरकार के करीबी सूत्रों ने हमारे सहयोगी इंडिया टुडे को बताया कि विजय माल्या के खिलाफ औपचारिक गिरफ्तारी वॉरंट जारी कर दिया गया है. प्रवर्तन निदेशालय अगले हफ्ते इंटरपोल से संपर्क करेगा. सूत्रों का कहना है कि विजय माल्या के खिलाफ हो रही इस कार्रवाई का उनकी शख्सियत से कोई लेना-देना नहीं है.
सूत्रों ने कहा कि भारत सरकार देश में बिजनेस को आकर्षित करना चाहती है लेकिन किसी उद्योगपति की तरफ से भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेगी. हर किसी को कानून का पालन करना होगा और किसी को भी इसका उल्लंघन करने और भागने की इजाजत नहीं मिलेगी.
ईडी की सलाह पर निलंबित हुआ था पासपोर्ट
प्रवर्तन निदेशालय की सलाह पर विदेश मंत्रालय ने 15 अप्रैल को माल्या का पासपोर्ट निलंबित कर दिया था. विदेश मंत्रालय ने माल्या को नोटिस जारी कर पूछा था कि पासपोर्ट एक्ट के सेक्शन 10(3)(सी) के तहत उनका पासपोर्ट क्यों रद्द न किया जाए? नोटिस पर जवाब देने के लिए 22 अप्रैल की डेडलाइन तय की गई थी. माल्या के जवाब के आधार पर विदेश मंत्रालय ने उनका पासपोर्ट रद्द करने का फैसला किया.