सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मार्कण्डेय काटजू ने बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन के वीजा मसले पर कट्टरपंथियों पर जमकर निशाना साधा है. जस्टिस काटजू ने कट्टरपंथियों को 'नॉनसेंस' करार देते हुए कहा है कि ये वर्षों से तस्लीमा को परेशान कर रहे हैं.
जस्टिस काटजू ने कहा है कि मुस्लिम वोट बैंक खिसक जाने के डर से इन कट्टरपंथियों को अब तक बर्दाश्त किया जाता रहा. अब वक्त आ गया है कि इन पर लगाम लगाई जाए. काटजू ने ट्वीट किया
Taslima Nasreen was hounded by bigots for years. This nonsense was tolerated for fear of losing Muslim vote bank.Time has come to stop this
— Markandey Katju (@mkatju)
इससे पहले, केंद्र सरकार ने तस्लीमा नसरीन का रेजिडेंट वीसा रद्द कर दिया है. तसलीमा को यह वीजा 2004 से मिला हुआ था. उन्हें अब दो महीने का टूरिस्ट वीजा मिला है. तस्लीमा ने ट्वीट करके यह जानकारी दी थी.
जस्टिस काटजू ने तस्लीमा का समर्थन करते हुए कहा कि बांगलादेशी लेखिका को भारत में रहने के लिए स्थायी वीजा दिया जाना चाहिए.
In my opinion shd be given a permanent visa to reside in India. Several bigots have hounded her ever since she wrote 'Lajja'
— Markandey Katju (@mkatju)