प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी के 'सूट-बूट' वाले तंज पर पलटवार किया है. मोदी ने कहा कि कांग्रेस 1 साल बाद भी चुनाव में मिली हार पचा नहीं पा रही है.
'सेल्फ डिफेंस' में मनमोहन ने तोड़ी है चुप्पी: BJP
इससे पहले, बीजेपी ने पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस नेता मनमोहन सिंह पर पलटवार किया. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और प्रवक्ता संबित पात्रा ने पूर्व प्रधानमंत्री को एक बार फिर सवालों के घेरे में खड़ा किया.
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी खुद करप्शन न करना ही नहीं है, बल्कि दूसरों को भी करप्शन न करने देना है. डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में इस देश में 12 लाख करोड़ के घपले हुए थे. इसकी जिम्मेदारी से कांग्रेस कैसे भाग सकती है?
गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दो-टूक शब्दों में बीजेपी, केंद्र सरकार और पूर्व ट्राई चेयरमैन प्रदीप बैजल के . उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपनी सालगिरह के जश्न में पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के बारे में झूठे दावे कर रही है.
कांग्रेस राज में देश ने उठाया है भारी नुकसान: शाह
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित शाह ने कहा, '229 कोयला खदानों के आवंटन से देश के खजाने में 2 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है. इससे पता चलता है कि इससे पहले देश कितना नुकसान उठा चुका है.' उन्होंने कहा, 'जहां तक मनमोहन सिंह जी और बैजल जी के बीच का मामला है, मैं उसमें पड़ना नहीं चाहता.'
Loss hua tha, bhaari loss hua tha aur CAG ki ginti se zyada loss hua tha: BJP President Amit Shah
— ANI (@ANI_news)
जब बोलना था, तब बोले नहीं: पात्रा
पात्रा ने कहा, 'जब देश की संसद में 2जी, कोलगेट, सीडब्ल्यूजी घोटालों पर चर्चा चल रही थी और उस वक्त प्रधानमंत्री से इस बारे में जवाब मांगा गया तो उन्होंने चुप रहना ठीक समझा. लेकिन अब जब सच सामने आ गया है, वह बोल रहे हैं.'
Dr. Manmohan Singh ji has broken his silence in self defence, not for the nation: Sambit Patra, BJP
— ANI (@ANI_news)
पात्रा ने कहा कि अगर वह उस वक्त संसद में बोलते और घोटालों के जिम्मेदार लोगों की पोल खोलते तो हम यह कह सकते थे कि उन्होंने देश की महान सेवा की है.
कभी अपने लिए नहीं किया दफ्तर का इस्तेमाल: मनमोहन
इससे पहले खुद पर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए मनमोहन ने कहा था, 'हम भ्रष्टाचार से लड़ते रहे हैं और लड़ते रहेंगे. मैंने किसी सरकारी दफ्तर का इस्तेमाल खुद के लिए या अपने परिवार के लिए नहीं किया. मोदी सरकार अपनी नाकामियां छिपाने के लिए मेरी भ्रष्ट छवि बनाने की कोशिश कर रही है.'
उन्होंने कहा है कि मैंने कभी अपने दफ्तर का इस्तेमाल अपने, परिवार या किसी और के फायदे के लिए नहीं किया. बीजेपी कहती है कि यूपीए के समय देश में 'पॉलिसी पैरालिसिस' था. लेकिन जब मैंने ऑफिस छोड़ा तब भारत चीन के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी.
मनमोहन ने कहा, 'अर्थव्यवस्था को बेहतर दिखाने के लिए सरकार को कुछ आंकड़े मैनेज करने पड़े, लेकिन आरबीआई चीफ कह चुके हैं कि यह बहाली बेहद कमजोर है. अगर आप गौर से देखें तो देश की अर्थव्यवस्था में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा.'