पोस्को परियोजना का काम तेज करने पर जोर देते हुए उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने इस परियोजना को शीघ्र मंजूरी का आश्वासन दिया है.
वहीं प्रधानमंत्री से ऐसा ही आश्वासन वेदांता ग्रुप की खनन परियोजना के बारे में मिलने के सवाल को मुख्यमंत्री हालांकि गोलमोल कर गए. वेदांता ग्रुप ने राज्य की नियामगिरी पहाड़ियों में अरबों डालर की खनन परियोजना का प्रस्ताव किया है और कंपनी पर आदिवासी तथा वन कानूनों के उल्लंघन का आरोप है.
लेकिन उन्होंने कहा कि वेदांता मामले को आगे बढाने के लिए राज्य के वन सचिव यू एन बेहरा कल पर्यावरण मंत्री से मिलेंगे. राज्य की प्रमुख परियोजनाओं में गतिरोध से व्यथित पटनायक ने सोमवार को प्रधानमंत्री सिंह से मुलाकात की और उन्हें स्थिति से अवगत कराते हुए परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया. {mospagebreak}
उन्होंने बताया, 'मैंने राज्य की बड़ी परियोजनाओं के बारे में प्रधानमंत्री तथा वन मंत्री से मुलाकात की और बताया कि इन्हें रोका नहीं जाना चाहिए क्योंकि वे राज्य में निवेश तथा रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं.' पटनायक के अनुसार रमेश ने दक्षिण कोरियाई कंपनी पोस्को की 54,000 करोड़ रुपये की परियोजना को गति देने का आश्वासन दिया.
पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिलने के कारण यह परियोजना पांच साल से लटकी है. उन्होंने कार्यान्वयन में देरी के कारण पोस्को तथा वेदांता रिसोर्सेज द्वारा राज्य से हटने की आशंकाओं को खारिज करते हुए विश्वास जताया कि परियोजनायें सिरे चढेंगी. उन्होंने कहा कि वन मंत्रालय की समिति मीना गुप्ता की अगुवाई में शीघ्र ही पोस्को की प्रस्तावित जगह का दौरा करेगी. रमेश ने बताया कि उन्होंने गुप्ता समिति से पोस्को परियोजना पर काम तेज करने को कहा है.