कर्नाटक के मंगलोर में एक कॉलेज ने अजीबोगरीब फरमान जारी किए हैं. इसमें लड़कियों पर तमाम तरह की पाबंदियां लगाने को लेकर काफी हंगामा छिड़ा हुआ है. कॉलेज की ओर से जारी गाइडलाइंस में यहां तक बताया गया है कि लड़कियां कॉलेज में किस तरह उठे-बैठें और कैसे मेकअप करें?
सेंट एलॉयसिस प्री यूनिवर्सिटी कॉलेज के इस कदम को लेकर स्टूडेंट्स खास तौर पर छात्राओं में काफी रोष है. कॉलेज की पूर्व छात्रा सतश्या थारिएन ने इस संबंध में एक ब्लॉग पोस्ट लिख कर जानकारी दी है. कॉलेज के फरमान के मुताबिक ड्रेस कोड का पालन करना होगा. साथ ही उन्हें लड़कों से दूर रहने की भी हिदायत दी गई है.
कॉलेज के फरमान में क्या-क्या:
1. लड़कियों लिपिस्टिक नहीं लगा सकेंगी, सिर्फ कलरलैस ग्लॉस की इजाजत
2. बैग में कोई कॉस्मेटिक्स मिलेगा तो जब्त कर लिया जाएगा
3 डॉर्क मेकअप, आई मेकअप, गाढ़े काजल की इजाजत नहीं
4. नेल आर्ट पर रोक
5. टैटू पर रोक
6. मेहंदी सिर्फ हथेलियों पर, वो भी घर में फंक्शन के दौरान. इसके लिए भी क्लॉस गाईड से पहले अनुमति लेनी होगी
7. सिर्फ काले फुटवियर पहनने की इजाजत
8. बाल खुले नहीं रखे जा सकेंगे. लेडीज रूम के अलावा कहीं और बाल संवारने या हेयर क्लिप हटाने की इजाजत नहीं
9. बालों को रंगने पर बैन
10. ब्रेक के दौरान कोई लड़की दूसरी क्लास के लड़कों से बात नहीं करेगी
11. अकेली लड़की, लड़कों के ग्रुप से या अकेला लड़का, लड़कियों के ग्रुप से बात नहीं करेगा
12. पब और पार्टियों में जाने पर पूरी तरह रोक
13. लंच के लिए लड़कियों के कैंपस से बाहर जाने पर रोक
14. पेड़ों के नीचे, पार्क, पार्किंग एरिया, बुक स्टोर और दूसरे स्थानों पर लड़कों के साथ दिखने पर रोक
15. लड़कियों और लड़कों के बीच दूरी बनी रहनी चाहिए
नियम तोड़ने पर कॉलेज से निकाला जा सकता है
ऐसा बताया जा रहा है कि कॉलेज में अगर पहली बार में कोई नियम तोड़ता है तो किसी भी टीचर को 500 रुपये जुर्माना वसूलने का हक होगा. साथ ही स्टूडेंट को क्लास गाईड को माफीनामा भी देना होगा. दूसरी बार नियम तोड़ने पर 1000 रुपये जुर्माना देना होगा. यहीं नहीं स्टूडेंट के पेरेंट को भी कॉलेज बुलवाया जाएगा और स्टूडेंट को 7 दिन के लिए सस्पेंड किया जाएगा. तीसरी बार नियम तोड़ने पर स्टूडेंट को कॉलेज से हमेशा के लिए निकाल दिया जाएगा.
कॉलेज का गोलमोल जवाब
एक तरफ स्टूडेंट्स में इन फरमान को लेकर रोष है, वहीं कॉलेज प्रबंधन इस पर कुछ कहने से बचता दिखाई दिया. कॉलेज के प्रिंसिपल की ओर से कहा गया है कि आधिकारिक तौर पर ऐसे कोई नियम नहीं जारी किए गए हैं. प्रिंसिपल का कहना है कि सिर्फ एक ओरिएंटेशन प्रोग्राम कराया गया था.