अब झारखंड के सरकारी स्कूलों में गुरुजी की फोटो नहीं टंगी मिलने पर उनका वेतन रोक दिया जाएगा. यह फरमान राज्य के मुख्यमंत्री का है.
दरअसल सरकार को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थी कि देहातों की स्कूलों में पदस्थापित कई शिक्षक अपनी जगह किसी और को स्कूलों में पढ़ाने के लिए भेज रहे रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री ने इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए यह फरमान जारी किया और सभी जिलों के उपायुक्त को आदेश दिया कि वो एक महीने के अंदर इस नियम को लागू कराएं.
क्या है नया फरमान
सरकार के फरमान के मुताबिक हर शिक्षक को अपनी आधार कार्ड वाली तस्वीर विद्यालय में लगानी अनिवार्य है जहां वह पदस्थापित हैं. सरकार के इस आदेश को लेकर शिक्षकों का मानना है कि इस कदम से महापुरुषों की गरिमा कम हो जाएगी, क्योंकि आमतौर पर स्कूलों में शिक्षाविद या महापुरुषों की तस्वीर लगाने का रिवाज है.
कुछ शिक्षकों में हड़कंप
वहीं कुछ शिक्षकों यह भी मानते हैं कि अबतक तो थाने में ही असामाजिक तत्वों की फोटो टंगी होती थी. हालांकि शिक्षकों का कहना है कि ये जब मुख्यमंत्री का आदेश है तो उसका पालन अवश्य होगा. फिलहाल इस आदेश से वैसे शिक्षकों में खलबली जरूर मची है जो इस तरह के फर्जीवाड़े में शामिल हैं.