पिछले साल के मालेगांव ब्लास्ट मामले की जांच कर रहे एटीएस ने कहा है कि उसे दो आरोपियों रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय और स्वंयभू धर्मगुरु दयानंद पांडेय के लोकसभा चुनाव में खड़े होने पर कोई एतराज नहीं है.
जांच एजेंसी ने स्पेशल मकोका कोर्ट से कहा है कि अगर उपाध्याय और पांडेय लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं तो उसे कोई एतराज नहीं है. एजेंसी ने साथ ही साफ कर दिया कि चुनाव लड़ने की इजाजत के लिए दोनों आरोपियों के आवेदन पर चुनाव आयोग और जेल अधिकारियों को फैसला करना है.
वैसे विशेष सरकारी वकील रोहिनी सालियान ने दलील दी कि अगर दोनों आरोपी चुनाव प्रचार के लिए जमानत की अर्जी डालते हैं तो जांच एजेंसी उसपर एतराज करेगी.
उल्लेखनीय है कि पांडेय और उपाध्याय ने क्रमश जम्मू-कश्मीर और पुणे से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने के लिए अदालत से इजाजत मांगी है. उम्मीद की जा रही है कि अदालत 30 मार्च को आवेदन पर अपना फैसला सुनाएगी.